छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत प्रवेश प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने तीसरे चरण की शुरुआत कर दी है। नियमों में बदलाव के बाद इस वर्ष आरटीई के तहत उपलब्ध सीटों की संख्या पहले की तुलना में काफी कम हो गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने के कारण विभाग को एक और चरण में आवेदन आमंत्रित करने पड़े हैं।
शेष रिक्त सीटों को भरने के लिए 22 जुलाई से आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है। अभिभावक 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
5 अगस्त तक आवेदन, अगस्त में होगी लॉटरी
शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार—
- आवेदन की अंतिम तिथि: 5 अगस्त
- दस्तावेज सत्यापन के बाद लॉटरी: 10 से 14 अगस्त
- चयनित बच्चों का प्रवेश: 25 अगस्त तक
विभाग का लक्ष्य है कि रिक्त सीटों पर जल्द से जल्द प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाए, हालांकि तिमाही परीक्षाओं तक भी एडमिशन जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
नए नियमों से घटी अभिभावकों की रुचि
इस वर्ष लागू नए नियमों के तहत आरटीई का लाभ केवल पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों को दिया जा रहा है। नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 को योजना से बाहर कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग के सूत्रों का मानना है कि इसी बदलाव के कारण कई अभिभावक अब आरटीई के जरिए आवेदन करने में पहले जैसी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। राजधानी रायपुर में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन कई जिलों में सीटें भरने में विभाग को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
राजनांदगांव में बेहद कम आवेदन
राजनांदगांव जिले में तीसरे चरण के लिए 104 रिक्त सीटों के मुकाबले अब तक केवल 13 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
अभिभावकों का कहना है कि आरटीई पोर्टल पर कई निजी स्कूलों की रिक्त सीटों की जानकारी अपडेट नहीं होने से आवेदन करने में परेशानी आ रही है। वहीं कुछ निजी स्कूलों पर रिक्त सीटों की वास्तविक संख्या छिपाने के आरोप भी सामने आए हैं।
धमतरी में 119 सीटें अब भी खाली
धमतरी जिले में इस वर्ष आरटीई के तहत 450 सीटें निर्धारित की गई थीं। दो चरण पूरे होने के बाद केवल 351 बच्चों का प्रवेश हो सका, जबकि 119 सीटें अब भी रिक्त हैं।
पहले चरण में 328 और दूसरे चरण में 23 बच्चों ने दाखिला लिया। कई चयनित विद्यार्थियों का प्रवेश विभिन्न कारणों से पूरा नहीं हो सका।
दुर्ग जिले में 463 सीटें खाली
दुर्ग जिले के 152 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत कुल 1,507 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें अब तक 1,044 बच्चों का प्रवेश हुआ है, जबकि 463 सीटें अभी भी खाली हैं।
पहले चरण में 946 और दूसरे चरण में 98 बच्चों ने प्रवेश लिया। दूसरी लॉटरी में चयनित कई विद्यार्थियों ने भी दाखिला नहीं लिया।
पूरे प्रदेश की स्थिति
शिक्षा विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार—
- कुल निजी स्कूल: 6,857
- आरटीई सीटें: 23,119
- प्राप्त आवेदन: 39,182
- अब भी रिक्त सीटें: 9,424
बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने के कारण विभाग अब तीसरे चरण के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों को आरटीई का लाभ दिलाने की कोशिश कर रहा है।