Meta Pixel

संवाद से सशक्तिकरण तक: महिला कर्मियों के लिए नई पहल कर रहा भिलाई इस्पात संयंत्र

Spread the love

भिलाई इस्पात संयंत्र में महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल को सुरक्षित के साथ-साथ अधिक जागरूक, आत्मविश्वासी और संवादपूर्ण बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में संयंत्र के परियोजनाएं विभाग ने महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जागरूकता को केंद्र में रखते हुए ‘सखी संवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह पहल केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के लिए ऐसा साझा मंच है, जहां वे स्वास्थ्य, कार्यस्थल की चुनौतियों, सुरक्षा और व्यक्तिगत विकास से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद कर सकें।

23 जुलाई 2026 को बीएसपी के प्रोजेक्ट्स एक्सपेंशन कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री उन्मेष भारद्वाज ने किया। कार्यक्रम में परियोजनाएं विभाग की महिला अधिकारी, महिला गैर-अधिशासी कर्मचारी तथा संविदा महिला कर्मियों सहित लगभग 30 महिलाओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री जया राय एवं उनकी टीम ने कार्यस्थल पर प्रभावी संवाद और जागरूकता से जुड़े विषयों पर प्रस्तुति दी। वहीं महाप्रबंधक (परियोजनाएं) सुश्री राधिका श्रीनिवासन, सुश्री नीलू भारद्वाज तथा सुश्री बोन्या मुखर्जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और पेशेवर विकास पर विचार रखे। कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को खुलकर अपनी बात रखने और अनुभव साझा करने का अवसर भी प्रदान किया।

परियोजनाएं विभाग की नियमित कल्याणकारी गतिविधियों के तहत कार्यक्रम में संविदा महिला कर्मियों को पर्यावरण अनुकूल सैनिटरी पैड भी वितरित किए गए। विभाग का मानना है कि स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता महिलाओं के सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्य वातावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

‘सखी संवाद’ पहल की अवधारणा कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री पी. के. सरकार के मार्गदर्शन में महिला दिवस 2026 के अवसर पर विकसित की गई थी। इसके अंतर्गत वर्षभर महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं पोषण, कार्यस्थल सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता, साइबर सुरक्षा, डिजिटल क्षमता, लैंगिक संवेदनशीलता तथा प्रेरक संवाद जैसे विषयों पर नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

परियोजना विभाग इससे पहले भी महिला कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। इससे पूर्व ‘अर्थज्ञान’ कार्यक्रम के माध्यम से महिला ठेका श्रमिकों को बैंकिंग, बचत, डिजिटल भुगतान और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी दी गई, ताकि वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकें।

इसी प्रकार भिलाई इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों में समय-समय पर ‘नई चेतना’ अभियान के अंतर्गत महिला ठेका श्रमिकों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, कार्यस्थल पर सुरक्षा तथा उनके श्रम अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है। इस अभियान में उन्हें न्यूनतम वेतन, बोनस, भविष्य निधि (पीएफ), ईएसआईसी तथा भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की जाती है, ताकि वे अपने अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर लाभ उठा सकें।

किसी भी संस्थान की प्रगति केवल तकनीक और उत्पादन से नहीं, बल्कि अपने कर्मचारियों विशेषकर महिला कर्मियों— के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सम्मानजनक कार्य वातावरण से भी तय होती है। आज ‘नई चेतना’ ‘सखी संवाद’ और ‘अर्थज्ञान’ जैसे कार्यक्रम इसी सोच को आगे बढ़ाने की एक सार्थक पहल बनकर उभर रहें है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *