सप्ताह के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाई। बैंकिंग और पीएसयू बैंक शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, आईटी और मीडिया सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। अब निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर बनी हुई है।
बढ़त के साथ बंद हुए प्रमुख सूचकांक
दिनभर उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार ने सकारात्मक रुख बनाए रखा। बीएसई सेंसेक्स 394.50 अंक (0.54%) की तेजी के साथ 73,918.76 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 119.10 अंक (0.52%) चढ़कर 23,242.10 अंक के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों की अहम भूमिका रही।
इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती
कारोबार के दौरान कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहे—
- इंटरग्लोब एविएशन
- जियो फाइनेंशियल सर्विसेज
- आइशर मोटर्स
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
- अपोलो हॉस्पिटल्स
इन शेयरों में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी के चलते बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा।
इन कंपनियों के शेयर रहे दबाव में
जहां कई शेयरों में तेजी रही, वहीं कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- ओएनजीसी
- टाइटन कंपनी
- एनटीपीसी
- पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन
- टेक महिंद्रा
सेक्टोरल इंडेक्स में बैंकिंग ने दिखाई ताकत
सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो अधिकांश इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। केवल आईटी और मीडिया सेक्टर में कमजोरी दर्ज की गई।
- पीएसयू बैंक इंडेक्स: 3.6% की बढ़त
- निफ्टी बैंक: 2% मजबूत
- प्राइवेट बैंक इंडेक्स: 1.6% ऊपर
- रियल्टी इंडेक्स: 1.6% की तेजी
- निफ्टी मिडकैप: 1.3% मजबूत
- निफ्टी स्मॉलकैप: 1.7% की बढ़त
बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर में आई खरीदारी ने पूरे बाजार को मजबूती देने का काम किया।
बाजार की तेजी पर क्या है विशेषज्ञों की राय?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने मजबूत कंपनियों के शेयरों में दोबारा खरीदारी शुरू की है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाया है।
हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, जिन पर निवेशकों की नजर रहेगी।
आगे किस पर रहेगी बाजार की नजर?
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा कई अहम वैश्विक संकेत तय करेंगे। खासतौर पर अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर नीति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कॉरपोरेट कंपनियों के तिमाही नतीजे निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
फिलहाल बाजार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए मजबूत फंडामेंटल वाले गुणवत्ता वाले शेयरों पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है।