रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब कई पदों की शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा पद्धति और पात्रता नियमों में बदलाव लागू किया गया है। नई व्यवस्था आगामी सभी भर्ती परीक्षाओं में प्रभावी होगी।
उप अभियंता (विद्युत-यांत्रिकी) पद पहली बार शामिल
संशोधित नियमों के तहत समूह-1 (तृतीय श्रेणी अभियांत्रिकी सेवा) में पहली बार उप अभियंता (विद्युत एवं यांत्रिकी) का पद जोड़ा गया है।
इस पद के लिए अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा अथवा बीई/बीटेक की डिग्री होना अनिवार्य होगा।
चयन प्रक्रिया में दो चरण होंगे—
- भाग-‘अ’ : कॉमन परीक्षा
- भाग-‘ब’ : विषय (संकाय) आधारित परीक्षा
सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी की पात्रता बदली
सरकार ने सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी पद को समूह-2 (स्नातक स्तर) से हटाकर समूह-5 (विज्ञान एवं स्वास्थ्य सेवाएं) में शामिल कर दिया है।
अब इस पद के लिए अभ्यर्थी का जीव विज्ञान विषय के साथ 10+2 उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा। साथ ही विभागीय भर्ती नियमों में निर्धारित अन्य योग्यताओं को भी पूरा करना होगा। इस भर्ती में भी कॉमन और विषय-विशिष्ट परीक्षा आयोजित की जाएगी।
अनुरेखक पद के लिए नई शैक्षणिक योग्यता
समूह-6 के अनुरेखक (Draftsman) पद के लिए भी पात्रता में बदलाव किया गया है।
अब निम्नलिखित अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे—
- ड्राइंग विषय के साथ 10+2 उत्तीर्ण
- हायर सेकेंडरी (तकनीकी)
- सर्वेयर का व्यावसायिक शिक्षुता प्रमाणपत्र
- आईटीआई से मानचित्रकला (ड्राफ्ट्समैनशिप) का प्रमाणपत्र
इस पद के लिए भी भाग-‘अ’ (कॉमन) और भाग-‘ब’ (विषय-विशिष्ट) परीक्षा आयोजित होगी।
CG व्यापमं की जगह बना नया कर्मचारी चयन मंडल
राज्य सरकार ने हाल ही में भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG व्यापमं) का इस नए मंडल में विलय कर दिया गया है।
सरकार का उद्देश्य तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सभी सरकारी भर्तियों को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
क्यों किया गया यह बदलाव?
वर्ष 2005 से CG व्यापमं विभिन्न विभागों की भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता था, लेकिन अलग-अलग विभागों की अलग-अलग चयन प्रक्रियाओं के कारण परीक्षा कैलेंडर, परिणाम और भर्ती प्रक्रिया में असमानता देखने को मिलती थी।
इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक-2026 पारित कर नया वैधानिक निकाय बनाया है, जो अब राज्य की अधिकांश तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों का संचालन करेगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद आगामी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को संशोधित पात्रता, नई परीक्षा प्रणाली और एकीकृत चयन प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा।