श्रीनगर/रायपुर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10-10 लाख की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) देने की घोषणा की है। उन्होंने घटना को कायराना बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जताया शोक
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि निर्दोष मजदूरों की हत्या बेहद दुखद और निंदनीय है।
उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
छत्तीसगढ़ के थे दोनों मजदूर
आतंकी हमले में जान गंवाने वाले दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के निवासी थे और रोजगार की तलाश में जम्मू-कश्मीर गए थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुलगाम के केल्लम क्षेत्र में आतंकियों ने गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी की। हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों की तलाश जारी है और मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री और उपराज्यपाल की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष मजदूरों को निशाना बनाना बेहद दुखद है।
वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान और तेज करने के निर्देश दिए।
हमले की जिम्मेदारी को लेकर दावे
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभी सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
पूरे देश में शोक
इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ के मृतकों के गांवों में शोक का माहौल है। दोनों परिवारों को आर्थिक और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। राज्य और केंद्र की एजेंसियां मिलकर मामले की जांच और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।