छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश, कुछ स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
हालांकि 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से 5% कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन इसे मौसम विभाग ने अब भी सामान्य (Normal) श्रेणी में रखा है।
बारिश से बिलासपुर-पेंड्रा मार्ग का पुल टूटा
लगातार बारिश के कारण बिलासपुर–रतनपुर–पेंड्रा मार्ग पर बांसाझाल के पास स्थित पुल दो हिस्सों में टूट गया। घटना के समय पुल से गुजर रही एक यात्री बस बीच में फंस गई, हालांकि सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं।
पुल क्षतिग्रस्त होने से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक, मनेंद्रगढ़ तथा मध्य प्रदेश के जबलपुर और शहडोल से सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है।
अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में—
- हल्की से मध्यम बारिश
- कुछ स्थानों पर भारी वर्षा
- गरज-चमक
- आकाशीय बिजली गिरने की संभावना
बनी रहेगी। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है।
रायपुर का मौसम
राजधानी रायपुर में सोमवार को दिनभर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
- अधिकतम तापमान: 34°C
- न्यूनतम तापमान: 26°C
राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा
पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया।
अब तक कितनी हुई बारिश?
1 जून से 2 अगस्त 2026 तक छत्तीसगढ़ में—
- वास्तविक वर्षा: 566.5 मिमी
- सामान्य वर्षा: 594.6 मिमी
यानी प्रदेश में अब तक करीब 5% कम बारिश हुई है, जिसे IMD ने सामान्य श्रेणी में रखा है।
सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले
इन जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई—
- नारायणपुर: 997.8 मिमी (+61%)
- सारंगढ़-बिलाईगढ़: 797.5 मिमी (+65%)
- जांजगीर-चांपा: 743.9 मिमी (+38%)
- महासमुंद: 725.1 मिमी (+35%)
- गरियाबंद: 696.8 मिमी (+29%)
- बालोद: 668.5 मिमी (+29%)
- रायपुर: 626 मिमी (+21%)
- बलौदाबाजार: 623 मिमी (+28%)
इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की कमी
कुछ जिलों में अब भी सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है—
- सरगुजा: -53%
- जशपुर: -48%
- बेमेतरा: -40%
- कांकेर: -24%
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: -24%
- सूरजपुर: -21%
इन जिलों को मौसम विभाग ने डेफिसिएंट (Deficient) श्रेणी में रखा है।
खेती के लिए क्यों अहम है अगस्त?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त का महीना धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि इस महीने अच्छी बारिश होती है तो किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है और फसलों की पैदावार बेहतर रहने की संभावना बढ़ जाती है।
IMD की प्रमुख बातें
- अगले दो दिनों तक बारिश और बिजली गिरने की संभावना।
- मध्य भारत में सामान्य से बेहतर बारिश के संकेत।
- एल नीनो के प्रभाव मजबूत होने की संभावना।
- सितंबर में पॉजिटिव IOD बनने के संकेत।
- अगस्त की बारिश छत्तीसगढ़ की खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगी।

