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भारत में अगले साल आएंगे प्लास्टिक के नोट: RBI गवर्नर ने बताया कब होगी शुरुआत, जानें क्या होंगे फायदे

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की है कि भारत में पॉलीमर (प्लास्टिक) करेंसी नोट अप्रैल-मई 2027 के दौरान जारी किए जाएंगे। शुरुआत में कम मूल्य वाले नोटों को इस नई तकनीक के साथ बाजार में उतारा जाएगा, क्योंकि इनका उपयोग सबसे अधिक होता है।

RBI के अनुसार, प्लास्टिक के ये नोट अधिक टिकाऊ होंगे, जल्दी खराब नहीं होंगे और लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकेंगे।

पहले छोटे मूल्य के नोट होंगे जारी

RBI गवर्नर ने बताया कि शुरुआती चरण में ₹10, ₹20 और ₹50 जैसे कम मूल्य वाले नोट पॉलीमर सामग्री पर छापे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि ये नोट सबसे अधिक उपयोग में आते हैं, इसलिए इन्हें अधिक टिकाऊ बनाने की आवश्यकता है।

क्या होते हैं पॉलीमर नोट?

पॉलीमर बैंकनोट सामान्य कागज पर नहीं, बल्कि विशेष प्रकार के प्लास्टिक (Polymer Substrate) पर तैयार किए जाते हैं।

ये नोट—

  • पानी से खराब नहीं होते।
  • आसानी से नहीं फटते।
  • धूल और गंदगी का कम असर होता है।
  • लंबे समय तक उपयोग में बने रहते हैं।

क्यों ला रही है सरकार प्लास्टिक के नोट?

RBI के अनुसार पॉलीमर नोट लाने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं—

1. लंबी उम्र

प्लास्टिक नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में कई गुना अधिक समय तक चलते हैं।

2. नकली नोटों पर रोक

इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़ना आसान होता है, जिससे नकली नोट बनाना काफी मुश्किल हो जाता है।

3. छपाई पर कम खर्च

कागजी नोट जल्दी खराब हो जाते हैं, जिसके कारण बार-बार नए नोट छापने पड़ते हैं।

RBI के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च किए गए थे। पॉलीमर नोटों के लंबे समय तक चलने से यह खर्च कम हो सकता है।

क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे?

नहीं।

RBI ने स्पष्ट किया है कि प्लास्टिक नोट आने के बाद भी मौजूदा कागजी नोट चलन में बने रहेंगे।

नई व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी और कुछ समय तक दोनों प्रकार के नोट एक साथ उपयोग में रहेंगे।

भारत में पहले भी आया था प्रस्ताव

भारत में पॉलीमर नोट लाने का विचार पहली बार 2012 में सामने आया था।

हालांकि उस समय तकनीकी और अन्य कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब RBI ने दोबारा इस परियोजना पर काम शुरू किया है।

किन देशों में पहले से चल रहे हैं प्लास्टिक के नोट?

दुनिया के 60 से अधिक देशों में पॉलीमर करेंसी का उपयोग किया जा रहा है।

इनमें प्रमुख देश हैं—

  • ऑस्ट्रेलिया
  • यूनाइटेड किंगडम (UK)
  • कनाडा
  • न्यूजीलैंड

इन देशों में प्लास्टिक के नोट कई वर्षों से सफलतापूर्वक उपयोग में हैं।

भारत में नोटों में बड़े बदलाव कब-कब हुए?

भारत के इतिहास में अब तक तीन प्रमुख मौकों पर बड़े मूल्य के नोटों को बंद या बदला गया है—

  • 1946: ₹500, ₹1000 और ₹10,000 के नोट बंद।
  • 1978: ₹1000, ₹5000 और ₹10,000 के नोट वापस लिए गए।
  • 8 नवंबर 2016: ₹500 और ₹1000 के पुराने नोट बंद कर नए ₹500 और ₹2000 के नोट जारी किए गए।

इसके बाद मई 2023 में RBI ने ₹2000 के नोटों को क्लीन नोट पॉलिसी के तहत चलन से वापस लेने की घोषणा की थी।

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