भारत के पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के संभावित टेस्ट करियर को लेकर संयम बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि महज 15 वर्ष की उम्र में किसी खिलाड़ी के भविष्य को लेकर बड़े दावे करना उचित नहीं है। रहाणे के अनुसार, IPL में सफलता और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करना दो बिल्कुल अलग चुनौतियां हैं।
‘स्टिक टू क्रिकेट‘ पॉडकास्ट में डेविड लॉयड, फिल टफनेल, एलिस्टेयर कुक और माइकल वॉन के साथ बातचीत के दौरान रहाणे ने कहा कि वैभव को फिलहाल अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान देने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा अपेक्षाओं का दबाव बनाना उसके विकास के लिए ठीक नहीं होगा।
रहाणे ने कहा कि इस समय वैभव को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन उन्हें अपनी प्रतिभा को धीरे-धीरे निखारने का समय मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, IPL में कुछ ओवरों में तेजी से रन बनाना अलग बात है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर मुकाबले में खुद को साबित करना कहीं ज्यादा कठिन होता है।
वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय सफर मिश्रित रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला, लेकिन शुरुआती तीन मैचों में वह केवल 42 रन ही बना सके। हालांकि इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी करते हुए पहले टी-20 में अर्धशतक लगाया, दूसरे मुकाबले में उपयोगी पारी खेली और अंतिम मैच में 81 रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया।
जिम्बाब्वे दौरे की शानदार बल्लेबाजी का फायदा उन्हें ICC की ताजा टी-20 रैंकिंग में भी मिला। वैभव ने 230 स्थानों की लंबी छलांग लगाते हुए 536 रेटिंग अंकों के साथ दुनिया के 48वें नंबर के टी-20 बल्लेबाज के रूप में जगह बनाई। यह पहला अवसर है जब उन्होंने ICC टी-20 बल्लेबाजी रैंकिंग के टॉप-50 में प्रवेश किया।
उल्लेखनीय है कि अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 मैच खेलने वाले रहाणे ने अपने करियर के दौरान कई यादगार पारियां खेलीं और भारतीय टीम की कप्तानी भी की।