कोंडागांव। केशकाल वनमंडल में भारी वाहन चालक पद पर हुई भर्ती को लेकर नया विवाद सामने आया है। भर्ती प्रक्रिया में शामिल एक अभ्यर्थी ने चयन में अनियमितता, कथित फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के उपयोग और मेरिट सूची में बदलाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत राज्यपाल, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), जिला प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों से की गई है।
भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
शिकायतकर्ता मंजीत सिंह चहल, जो स्वयं वन विभाग में वाहन चालक के रूप में कार्यरत हैं, का कहना है कि वर्ष 2023 में प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय द्वारा भारी एवं हल्के वाहन चालकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। उन्होंने भी भारी वाहन चालक पद के लिए आवेदन किया था।
उनका आरोप है कि चयन प्रक्रिया के दौरान एक अन्य अभ्यर्थी विक्की बंजारे द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाण पत्र को प्रारंभिक जांच में मान्य नहीं माना गया था। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान भी उस प्रमाण पत्र पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन बाद में उसी अभ्यर्थी की नियुक्ति कर दी गई।
अनुभव प्रमाण पत्र पर सवाल
शिकायतकर्ता का दावा है कि जिस निजी संस्था के नाम पर अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया, वहां से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित अभ्यर्थी उस संस्थान में भारी वाहन चालक के रूप में कार्यरत नहीं था। इसके बावजूद वर्ष 2026 में उसे नियुक्ति दिए जाने पर उन्होंने गंभीर आपत्ति जताई है।
मेरिट सूची में बदलाव का आरोप
मंजीत सिंह का कहना है कि प्रारंभिक मेरिट सूची में उनकी रैंक ऊपर थी, लेकिन बाद में जारी अंतिम सूची में बदलाव कर दूसरे अभ्यर्थी को शीर्ष स्थान पर दिखाया गया। उनका दावा है कि इस संबंध में उनके पास विभागीय रिकॉर्ड, वेबसाइट से प्राप्त दस्तावेज और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है।
नियमों के उल्लंघन का दावा
शिकायतकर्ता के अनुसार, वे वर्ष 2013-14 से वन विभाग में सेवाएं दे रहे हैं और उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी हो चुके हैं। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर कथित रूप से गलत तरीके से नियुक्ति की गई, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ।
निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने राज्यपाल, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), कलेक्टर कोंडागांव और पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजकर पूरे भर्ती प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
नोट: यह आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग या आरोपित पक्ष की ओर से इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि होगी।