दुर्ग, 06 अगस्त 2026 / प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2026 के लिए अधिसूचित फसलों हेतु फसल बीमा कराने की अंतिम तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 14 अगस्त 2026 कर दी गई है। इससे जो किसान 31 जुलाई तक अपनी फसल बीमा पंजीयन किसी कारणवश नहीं करा पाए थे उनको फसल बीमा कराने का अतिरिक्त समय मिल गया है। मौसम विभाग के अनुसार इस साल अलनीनो के प्रभाव के कारण अनियमित या कम बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसी स्थिति में संभावित नुकसान से बचने के लिए फसल बीमा किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा।
कृषि विभाग द्वारा बताया गया है कि योजना के तहत जिले में किसान भाई अधिसूचित फसलों धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, तुअर (अरहर), मूंग, उड़द, मूंगफली, कोदो, कुटकी तथा रागी का बीमा करा सकते हैं। योजना अंतर्गत किसान को बीमित राशि का मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम देना है, जबकि शेष प्रीमियम राशि का वहन केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। जिले में प्रति हेक्टेयर कृषक प्रीमियम राशि धान सिंचित 1320 रु., धान असिंचित 990 रू., मक्का 1122 रू., सोयाबीन 1078 रू., अरहर 902 रू., मूंग 550 रू., उड़द 550 रू., मूंगफली 924 रू., कोदो 396 रू., कुटकी 418 रू., रागी 374 रू. निर्धारित की गई है। कृषक बैंक, वित्तीय संस्थान, लोक सेवा केंद्र, या स्वयं सीधे भारत सरकार के राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर अपना पंजीयन करा सकते हैं। जिस हेतु आवश्यक दस्तावेज नवीनतम आधार कार्ड, नवीनतम बी-1 और पी-2 की कॉपी, बैंक पासबुक के मुख्य पृष्ठ की फोटोकॉपी, फसल बुवाई का प्रमाण पत्र या स्व-घोषणा पत्र, बटाईदार/कास्तकार/साझेदार किसानों के लिये फसल साझा/ कास्तकार का घोषणा पत्र तथा चालू मोबाइल नंबर है।
किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में चार प्रमुख जोखिम फसल की बुवाई/रोपाई (प्रतिकूल मौसम अवस्थाओं के कारण) नहीं होने, स्थानीयकृत आपदाएं (ओलावृष्टि, जलभराव आदि) व फसल कटाई के उपरांत खेत में काटकर व फैलाकर गठरों में बांधकर सुखाने के लिये रखी गई फसल में होने वाली क्षति एवं फसल कटाई के बाद उपज के आंकड़ो के आधार पर क्षति को शामिल किया गया है। यदि किसी भी आपदा के कारण फसल को नुकसान पहुंचता है, तो किसानों को 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके लिए कृषक केंद्र सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल व हेल्पलाइन) पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा पीएमएफबीवाई के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी विवरण भेजा जा सकता है। किसान सीधे ही pmfby.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। एवं गूगल प्ले स्टोर से ‘क्राॅप इंश्योरेंस ऐप’ डाउनलोड करके किसान स्वयं अपनी फसल हानि का पूरा विवरण दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व विभाग, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को भी समय सीमा के भीतर सूचित कर सकते हैं, ताकि सर्वेक्षण के बाद बीमा दावा की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि अल नीनो के सक्रिय होने की वजह से इस वर्ष मानसून के कमजोर रहने तथा अनियमित या कम बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। जो किसान भाई किसी कारणवश अपनी फसल का बीमा नहीं करा पाए है, उनके लिए यह एक बेहतरीन अवसर है। प्रतिकूल मौसम से होनी वाली आर्थिक जोखिम को कम करने के लिए अंतिम तिथि 14 अगस्त 2026 के पूर्व ही अपना फसल बीमा अवश्य करावें।