बेमेतरा। साजा विकासखंड के सरकारी स्कूलों में ‘कहानी उत्सव’ के जरिए निपुण भारत और FLN मिशन को एक नई दिशा मिल रही है। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन और बीआरसीसी साजा द्वारा वर्ष 2023-24 से संचालित ‘एक सप्ताह, एक कहानी’ पहल के तहत शैक्षणिक गतिविधियों में नया उत्साह देखा जा रहा है। इस अभियान की खास बात यह है कि विद्यालयों में आयोजित होने वाले कहानी उत्सव में गाँव के बुजुर्ग भी शिरकत कर रहे हैं, जो अपनी अनुभवों से भरी कहानियों के जरिए बच्चों को शिक्षा और नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ा रहे हैं।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाइट बेमेतरा के प्राचार्य जे के घृतलहरे ने इस अवसर पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि, इस सत्र विकास खंड के सभी शिक्षकों को इस अत्यंत प्रभावशाली कहानी उत्सव में शामिल होते हुए बच्चों को दक्ष करने का लक्ष्य दिया गया। उन्होंने कहा कि, कहानी केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सीखने की सबसे प्रभावी विधा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और निपुण भारत मिशन का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) में कक्षा अनुरूप दक्ष बनाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति में कहानी उत्सव अत्यंत प्रभावशाली पहल है।
कहानी में बच्चों को सिखाए जोड़ना-घटाना
डाइट प्राचार्य ने कहा कि, कहानी बच्चों की कल्पनाशक्ति, भाषा विकास, चिंतन क्षमता और रचनात्मकता को विकसित करने के साथ-साथ सीखने को आनंददायक बनाती है। कहानी सुनने और पढ़ने के दौरान बच्चे नए शब्द सीखते हैं,वाक्यों का सही प्रयोग समझते हैं तथा पढ़ने, सुनने, बोलने और लिखने की दक्षता विकसित करते हैं। जब शिक्षक कहानी के पात्रों, घटनाओं और संवादों पर बच्चों से चर्चा करते हैं, तब उनमें तार्किक सोच, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास होता है। कहानी उत्सव को संख्यात्मकता से भी सहज रूप से जोड़ा जा सकता है। कहानी में संख्या, समय, दूरी, जोड़-घटाव, तुलना, आकृतियाँ और दैनिक जीवन की गणितीय परिस्थितियों को शामिल कर बच्चों में गणितीय समझ विकसित की जा सकती है। इससे गणित कठिन विषय न लगकर एक रोचक अनुभव बन जाता है।
बच्चों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाता है कहानी उत्सव
डाइट के उप प्राचार्य डॉ.कमल कपूर बंजारे ने कहा कि,कहानी आधारित गतिविधियाँ जैसे चित्र देखकर कहानी बनाना,भूमिका निर्वहन अभिनय,समूह चर्चा,प्रश्नोत्तर,शब्द खेल,कहानी लेखन और गणितीय पहेलियाँ बच्चों को सक्रिय रूप से सीखने के लिए प्रेरित करती हैं। इससे प्रत्येक बच्चा अपनी गति से सीखते हुए कक्षा अनुरूप दक्षता प्राप्त करने की ओर अग्रसर होता है। अतः कहानी उत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बच्चों में सीखने के प्रति रुचि, आत्मविश्वास और जीवनपर्यंत सीखने की आदत विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
साजा के विद्यालयों में 21 कहानियों का हुआ सफल प्रसारण
इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकास खंड साजा के विद्यालयों में नियमित रूप से कहानी आधारित शिक्षण अपनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप प्रत्येक बच्चा बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता में अपेक्षित दक्षता प्राप्त कर रहे हैं, और निपुण भारत के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए सशक्त कदम उठाया गया है। हर कहानी सीखने का नया अवसर है,और हर बच्चा एक नई कहानी का नायक है। शिक्षा सत्र 2025-26 में भी इस तरह के आयोजन किया गया। जिसमें 21 कहानी का प्रसारण किया गया। इस वर्ष विकास खंड स्त्रोत समन्वयक खोमलाल साहू और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा विकास खंड के लगभग 120 शिक्षकों ने जो नियमित रूप से अपने विद्यालय में बच्चों के साथ कहानी उत्सव पर कार्य किया गया है उनके लिए दो दिवसीय विकास खंड स्तरीय कहानी उत्सव प्रस्तुतिकरण सेमीनार आयोजित किया गया। जिसमें से विकास खंड के 11 शालाओं के शिक्षकों द्वारा अपनी प्रस्तुतिकरण किया गया। जिसमें एनईपीNEP20 एनसीएफ और नवाजतन शिक्षण प्रक्रिया पर एक एक पहलुओं पर बातचीत किया गया।
सहज संचालन और रोचक गतिविधियों से जीवंत हुआ शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम
इस कार्यक्रम का संचालन अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन से प्राची,पवन सत्कार,जौबन एवं राज्य स्रोत सदस्य एवं जिला प्रभारी बेमेतरा पवन कुमार देवांगन द्वारा किया गया। उन्होंने अपने सहज, प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक संचालन से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। विषय की गहन समझ, प्रतिभागियों के साथ सतत संवाद तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी,प्रेरक एवं परिणामोन्मुख बनाया। उनके मार्गदर्शन से उपस्थित शिक्षकों में एफएलएन एवं निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को विद्यालय स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने का नया उत्साह एवं आत्मविश्वास विकसित हुआ। कहानी उत्सव प्रस्तुतीकरण में विकास खंड के शासकीय कन्या प्राथमिक शाला देवकर से गिरिजा पटेल,चंदा सिन्हा बीजागोड़,ममता गायकवाड़ अकलवारा,मैमुना सुल्ताना बुधवारा,घनश्याम साहू गिधवा,पूजेरी राम पटेल करमू,किरण राजपूत भरमपूरी,विकास चौबे हाटरांका,गौरी शान रानो,कविता पटेल परपोडी़,कन्हैया लहरें बरगा द्वारा रोचक गतिविधि द्वारा शानदार प्रस्तुतीकरण किया गया।
शिक्षकों को किया सम्मानित
यह संगोष्ठी दो दिवसीय आयोजित किया गया। जिसमें में डाइट प्राचार्य जे के घृतलहरे,उपप्राचार्य डॉ कमल कपूर बंजारे,सहायक प्राध्यापक प्रहलाद कुमार टिकरिहा,व्याख्याता थलज कुमार साहू, विकास खंड साजा से बीईओ डी जी पात्रा,बीआरसी साजा खोमलाल साहू,कन्या शाला साजा प्राचार्य संगीता राजपूत, एफएलएन के जिला प्रभारी पवन कुमार देवांगन,संकुल समन्वयक होरी लाल मिर्झा,अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन साजा से पवन सत्कार,जौबन,प्राची,टिकेश्वरी,धनश्री की उपस्थिति में सभी शिक्षकों के कार्य को प्रोत्साहित करने और प्रेरित करने के लिए सम्मानित किया गया।
अनुशासन और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा हमारी पहली प्राथमिकता
विकासखंड शिक्षा अधिकारी साजा डी जी पात्रा ने कहा कि,अनुशासन और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा हमारे लिए पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उसके बाद सफलता प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं होती। इस अवसर पर प्रशिक्षार्थियों में प्रज्ञा जैन,लक्ष्मी साहू,धनेश रजक,लेखा रजक,संत कुमार घृतलहरे, अशोक ध्रुवे,अर्जुन वर्मा, नीतू देवांगन,यशवंत साहू,दिलीप पटेल,सुनील शर्मा,कविता साहू, भावना अग्रवाल,डोगेन्द्र कुंजाम, सहित 120 शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल हुए।