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बालोद में गोवंश तस्करी का कथित प्रयास नाकाम, 8 मवेशी बरामद; पिकअप छोड़कर भागे तीन आरोपी गिरफ्तार

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बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद में गौ-सेवकों की सूचना और पुलिस की कार्रवाई से कथित गोवंश तस्करी का एक मामला सामने आया है। पीपरछेड़ी-निपानी मार्ग पर निगरानी के दौरान मवेशियों से भरी एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे झाड़ियों और पेड़ों में फंस गई। वाहन से 8 गोवंश बरामद किए गए।

घटना के बाद वाहन में मौजूद तीन लोग मौके से भाग गए थे। पुलिस ने बाद में तीनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में पशु संरक्षण और पशु क्रूरता से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

गौ-सेवकों को मिली थी मवेशियों को ले जाने की सूचना

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 10 बजे गौ-सेवक पुरुषोत्तम सिंह राजपूत को सूचना मिली कि एक पिकअप में गाय और बछड़ों को कथित तौर पर ठूंसकर कहीं ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलने के बाद उन्होंने अपने साथियों प्रमोद साहू और धर्मेंद्र आहुजा के साथ पीपरछेड़ी-निपानी मार्ग पर निगरानी शुरू की। साथ ही मामले की जानकारी बालोद पुलिस को भी दी गई।

पुलिस और गौ-सेवकों ने की घेराबंदी

कुछ देर बाद संदिग्ध पिकअप वाहन CG 24 U 3263 वहां से गुजरती दिखाई दी। गौ-सेवकों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर मौके से निकलने की कोशिश की।

इसी दौरान पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई और वाहन को पकड़ने के लिए घेराबंदी की गई।

भागने की कोशिश के दौरान चालक ने पिकअप पर नियंत्रण खो दिया। इसके बाद वाहन सड़क के किनारे पेड़ और झाड़ियों में जाकर फंस गया।

अंधेरे का फायदा उठाकर भागे आरोपी

पिकअप के दुर्घटनाग्रस्त होकर फंसने के बाद उसमें सवार तीनों लोग वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की तरफ भाग गए।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पिकअप के अंदर 6 गाय और 2 बछड़े, यानी कुल 8 गोवंश मिले।

पुलिस के मुताबिक मवेशियों को वाहन में काफी कम जगह में रखा गया था। सभी गोवंशों को वाहन से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

सभी 8 गोवंशों को गौशाला भेजा गया

पुलिस ने बरामद गोवंशों को सुरक्षित तरीके से निकालकर महावीर गौशाला पहुंचाया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पिकअप वाहन के साथ एक पीले रंग का त्रिपाल और सभी 8 गोवंश को जब्त किया।

पुलिस के अनुसार जब्त सामान और वाहन समेत कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 10.70 लाख रुपये बताई गई है।

पशु संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज

घटना को लेकर बालोद थाना में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने फरार हुए तीनों संदिग्धों को बाद में गिरफ्तार कर लिया। अब उनसे पूछताछ की जा रही है।

गोवंश कहां से आए और कहां ले जाए जा रहे थे?

पुलिस की जांच अब इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि बरामद किए गए गोवंशों को कहां से लाया गया था और उन्हें किस स्थान पर ले जाया जा रहा था।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति या वाहन शामिल था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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