धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जिला प्रशासन की भू-अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के मुताबिक 1 जून से 9 अगस्त 2026 तक जिले में औसतन 678.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के आधार पर इस अवधि में जिले की सामान्य औसत वर्षा 620.7 मिलीमीटर रही है। इस लिहाज से इस साल अब तक जिले में सामान्य बारिश की तुलना में 109.4 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है।
धमतरी तहसील में 716.6 मिमी बारिश
तहसीलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो धमतरी तहसील में अब तक 716.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य औसत 627.3 मिलीमीटर की तुलना में 114.2 प्रतिशत है।
वहीं कुरूद में 649.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। यहां सामान्य औसत 579.2 मिलीमीटर है, जिसके मुकाबले बारिश का स्तर 112.2 प्रतिशत रहा।
मगरलोड में भी सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। यहां अब तक 675.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य औसत 594.6 मिलीमीटर की तुलना में 113.5 प्रतिशत है।
नगरी में सामान्य से कम बारिश
जिले के सभी क्षेत्रों में बारिश का स्तर एक जैसा नहीं रहा। नगरी तहसील में अब तक 540.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि यहां सामान्य औसत 598.5 मिलीमीटर है। इस तरह नगरी में अब तक सामान्य बारिश का 90.3 प्रतिशत ही रिकॉर्ड किया गया है।
इसके अलावा भखारा में 698.0 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य औसत 653.5 मिलीमीटर की तुलना में 106.8 प्रतिशत है।
कुकरेल में अब तक 684.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। यहां सामान्य औसत 625.8 मिलीमीटर के मुकाबले बारिश 109.4 प्रतिशत रही।
9 अगस्त को जिले में औसतन 22.4 मिमी बारिश
9 अगस्त को भी जिले के अलग-अलग इलाकों में बारिश दर्ज की गई। इस दिन जिले में औसतन 22.4 मिलीमीटर वर्षा हुई।
तहसीलवार आंकड़ों के मुताबिक कुरूद में सबसे ज्यादा 64.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा धमतरी में 15.8 मिमी, मगरलोड में 14.6 मिमी, नगरी में 13.0 मिमी, भखारा में 19.0 मिमी और कुकरेल में 2.5 मिमी बारिश दर्ज हुई।
बारिश को लेकर प्रशासन सतर्क
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन मौसम और तहसीलवार वर्षा की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को मौसम की परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक समन्वय और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में अब तक सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण प्रशासन की निगरानी भी बढ़ा दी गई है, ताकि भारी बारिश की स्थिति में किसी भी संभावित समस्या से समय रहते निपटा जा सके।