भिलाई इस्पात संयंत्र के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ विभाग के अंतर्गत संचालित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, भिलाई में एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के स्किल एन्हांसमेंट प्रोग्राम (एसईपीए) के अंतर्गत इंग्वाइनल हर्निया विषय पर एक विशेष शैक्षणिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 9 अगस्त 2026 को किया गया। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा एवं नवोदित सर्जनों को इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से ऑपरेशन थिएटर में प्रत्यक्ष रूप से सर्जिकल प्रक्रिया का अवलोकन करने तथा सर्जरी के दौरान ही विशेषज्ञ सर्जनों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला। अपने स्वरूप की दृष्टि से यह क्षेत्र में आयोजित होने वाला पहला अनूठा शैक्षणिक कार्यक्रम था। व्यावहारिक एवं प्रत्यक्ष सर्जिकल प्रशिक्षण की दृष्टि से क्षेत्र में आयोजित यह अपनी तरह की पहली पहल थी।
कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों एवं शहरों से लगभग 40 डेलीगेट्स ने सहभागिता की। इनमें कोरबा, महासमुंद, रायपुर, कोंडागांव सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए सर्जन शामिल थे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा सर्जनों को इंग्वाइनल हर्निया के उपचार में अपनाई जाने वाली आधुनिक शल्य तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना तथा उनके कौशल एवं ज्ञान को और अधिक सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ फैकल्टी डॉ. मनीष देवांगन, डॉ. पराग गुप्ता, डॉ. तरुण नायक, डॉ. राजेश सिन्हा एवं डॉ. वैशाली भगत ने इंग्वाइनल हर्निया के उपचार में प्रयुक्त विभिन्न शल्य तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों को ओपन एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी दोनों प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया। विशेषज्ञों ने सर्जरी के विभिन्न चरणों एवं तकनीकी पहलुओं को विस्तार से समझाते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान किया तथा उन्हें व्यावहारिक एवं तकनीकी पहलुओं पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए इसकी सराहना की। लाइव सर्जिकल डेमोंस्ट्रेशन एवं विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद के माध्यम से उन्हें सर्जिकल प्रक्रियाओं को अधिक गहराई से समझने तथा अपने व्यावहारिक ज्ञान को समृद्ध करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के कोर्स कोऑर्डिनेटर एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा सर्जरी यूनिट प्रभारी डॉ. मनीष देवांगन ने आयोजन को इसकी विषयवस्तु, शैक्षणिक उपयोगिता एवं प्रतिभागियों की सहभागिता की दृष्टि से सफल बताते हुए इसके आयोजन में सहयोग के लिए जेएलएन अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के शीर्ष प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. उदय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. संबिता पंडा एवं पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. के. ठाकुर के निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम के संचालन में विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसिया डॉ. तनुजा आनंद के कुशल नेतृत्व में एनेस्थीसिया विभाग की टीम डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. निलेश चंद्र एवं डॉ. शिखा अग्रवाल ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आवश्यक एनेस्थीसिया संबंधी व्यवस्थाओं एवं चिकित्सकीय सहयोग को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया। आयोजन में श्रीमती बिन्नी जॉन, श्रीमती भगवती विश्वकर्मा, श्रीमती अंजली डे, श्रीमती प्रियंका, श्रीमती अंशु, श्री गुलशन, श्री हरिजी, श्री राकेश छाबड़ा, श्री सूर्य एवं श्री छम्मन सहित पैरामेडिकल टीम का भी उल्लेखनीय योगदान रहा।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. उदय कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सर्जरी विभाग द्वारा नियमित रूप से इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल सर्जनों के ज्ञान एवं कौशल को बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि अंततः इसका लाभ मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार के रूप में प्राप्त होता है। यह संस्थान समाज को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ नवोदित सर्जनों के कौशल एवं ज्ञान के विकास के लिए निरंतर शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियों को प्रोत्साहित करता रहेगा।