E20 Petrol: पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर देश में जारी सियासी बहस अब और तेज होती नजर आ रही है। मध्य प्रदेश के रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के विवादित बयान पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखा पलटवार किया है। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि अगर जनता शुद्ध पेट्रोल की मांग कर रही है तो भाजपा को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर इतना ही है तो अपने बाप के घर से शुद्ध पेट्रोल ले आएं।”
भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेता अपना आपा खो चुके हैं। उन्होंने E20 पेट्रोल को लेकर जनता की चिंताओं का जवाब देने की मांग की।
पहले जानिए जनार्दन मिश्रा ने क्या कहा था
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण का विरोध करने वालों पर टिप्पणी की थी।
उन्होंने कहा था कि कुछ लोग आंदोलन कर रहे हैं कि एथेनॉल नहीं मिलना चाहिए और सिर्फ शुद्ध पेट्रोल इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने सवाल किया था कि “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?”
जनार्दन मिश्रा रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए शुरू हुई नई उड़ानों के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने एथेनॉल मिश्रण और भारत की तेल जरूरतों को लेकर अपनी राय रखी।
80% कच्चा तेल आयात करने का दिया तर्क
भाजपा सांसद ने अपने बयान के समर्थन में भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश अपनी जरूरत का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल ही घरेलू स्तर पर पैदा करता है, जबकि करीब 80 फीसदी तेल आयात करना पड़ता है।
उनका तर्क था कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसी घटनाओं के कारण कच्चे तेल की सप्लाई और कीमत प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का विरोध नहीं किया जाना चाहिए।
ब्राजील का उदाहरण देकर E20 का बचाव
जनार्दन मिश्रा ने E20 के समर्थन में ब्राजील का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि ब्राजील में बड़े पैमाने पर एथेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है और वहां वाहन इससे चल रहे हैं।
उन्होंने ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और मैकेनिकों का हवाला देते हुए दावा किया कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को नुकसान नहीं होता।
E20 को लेकर पहले से जारी है राजनीतिक विवाद
पेट्रोल में 20 फीसदी तक एथेनॉल मिश्रण यानी E20 को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच लंबे समय से बहस चल रही है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ पुराने वाहनों में माइलेज और इंजन से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं।
वहीं, केंद्र सरकार और E20 के समर्थकों का तर्क है कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों को लाभ पहुंचाने और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
बयान के बाद और गरम हुई सियासत
अब जनार्दन मिश्रा के बयान पर भूपेश बघेल की तीखी प्रतिक्रिया के बाद E20 पेट्रोल का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक तरफ जहां E20 को ऊर्जा सुरक्षा और आयात निर्भरता कम करने से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष इसके असर और उपभोक्ताओं की चिंताओं को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है।
फिलहाल, दोनों नेताओं के बयानों के बाद पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होती नजर आ रही है।