मुथूट फिनकॉर्प ने करीब ₹3,000 करोड़ के IPO की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने इसके लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी DRHP दाखिल कर दिया है। प्रस्तावित IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा, यानी कंपनी नए शेयर जारी करके पूरी रकम जुटाएगी। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई हिस्सा शामिल नहीं होगा।
कंपनी के मुताबिक, IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल भविष्य की पूंजी जरूरतों को पूरा करने, ग्राहकों को आगे कर्ज देने और कारोबार के विस्तार के लिए किया जाएगा।
139 साल पुराने मुथूट पप्पाचन ग्रुप का हिस्सा
मुथूट फिनकॉर्प, मुथूट पप्पाचन ग्रुप का हिस्सा है। इस ग्रुप की शुरुआत वर्ष 1887 में हुई थी। कंपनी का प्रमुख कारोबार गोल्ड लोन है और वह दो दशक से ज्यादा समय से इस क्षेत्र में सक्रिय है।
गोल्ड लोन के अलावा कंपनी बिजनेस लोन, लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी, सप्लाई चेन फाइनेंसिंग, डिजिटल लोन, माइक्रोफाइनेंस और हाउसिंग लोन जैसी वित्तीय सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
FY26 में मुनाफा करीब तीन गुना बढ़ा
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में मुथूट फिनकॉर्प का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट करीब तीन गुना बढ़कर ₹1,848 करोड़ पहुंच गया, जबकि FY25 में यह ₹607.90 करोड़ था।
इसी तरह, ऑपरेशंस से कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹11,203.81 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹8,497.69 करोड़ था।
फ्रेश इश्यू और OFS में क्या अंतर है?
फ्रेश इश्यू: कंपनी नए शेयर जारी करती है और IPO से मिलने वाली रकम सीधे कंपनी के पास जाती है। इस पैसे का इस्तेमाल कारोबार के विस्तार, पूंजी जरूरतों या अन्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ऑफर फॉर सेल (OFS): इसमें कंपनी के मौजूदा प्रमोटर या निवेशक अपने पुराने शेयर बेचते हैं। ऐसे शेयरों की बिक्री से मिलने वाला पैसा कंपनी के पास नहीं जाता, बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशक को मिलता है।
मुथूट फिनकॉर्प का प्रस्तावित ₹3,000 करोड़ का IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू होने के कारण इससे जुटाई जाने वाली पूरी राशि कंपनी के कारोबार और भविष्य की पूंजी जरूरतों के लिए उपलब्ध होगी।