झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ राजधानी रांची में चल रहा छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। शांतिपूर्ण सत्याग्रह और विधानसभा घेराव के बाद भी सरकार द्वारा मांगों पर ठोस कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित छात्रों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक विवादित परीक्षाएं रद्द कर पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं।
16 अगस्त को 24 जिलों में पुतला दहन, राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
आंदोलनकारी छात्र मंच के प्रवक्ताओं ने बताया कि 16 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका जाएगा। राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित होकर विरोध जताएंगे। इसके साथ ही मंच ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी पुतला दहन करने की घोषणा की है।
छात्र नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी एक तरफ छात्रों के समर्थन की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी राज्य सरकार में साझीदार है। यदि वे सच में छात्रों के साथ हैं, तो उन्हें सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए, अन्यथा छात्रों को भ्रमित करना बंद करें।
परीक्षाएं रद्द हों, सीबीआई जांच हो या सीएम इस्तीफा दें
छात्र मंच ने पहली बार सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग उठाई है। अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि JPSC 11वीं से 13वीं और JSSC CGL परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए और पेपर लीक व धांधली के संगठित सिंडिकेट की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए।
छात्र नेताओं ने कहा कि यदि सरकार छात्रों के सवालों की जवाबदेही तय करने और पारदर्शी व्यवस्था बनाने में असमर्थ है, तो मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
’अब गांधीवादी रास्ता छोड़कर भगत सिंह और सुभाष बोस की राह चुनेंगे’
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि उन्होंने पिछले कई हफ्तों से गांधीवादी और लोकतांत्रिक तरीके से अनशन, धरने और तिरंगा यात्रा के जरिए अपनी आवाज उठाई, लेकिन सरकार ने इसे अनसुना कर दिया। अब छात्रों को अपने हक के लिए आक्रामक संघर्ष का रास्ता चुनने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
20 अगस्त को राज्य के सभी जिलों और गांवों से हजारों की संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री आवास का पूर्ण घेराव करेंगे।
सीएम आवास छावनी में तब्दील, कांके रोड पर मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग
छात्रों के घेराव और आंदोलन के उग्र रुख को देखते हुए रांची जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री आवास और उसके आसपास के पूरे कांके रोड क्षेत्र को भारी सुरक्षा घेरे में लेकर किले में तब्दील कर दिया गया है।
संवेदनशील रास्तों पर तीन लेयर की बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए हैं तथा 100 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षा बलों और खुफिया जवानों की तैनाती की गई है। मोरहाबादी और कचहरी चौक से आने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है, जिसके कारण शहर के मुख्य चौराहों पर लंबा जाम लग रहा है।