नाग पंचमी पर पूजा के साथ भोग लगाने की भी अलग-अलग परंपराएं देखने को मिलती हैं। भारत के हर हिस्से में इस पर्व का स्वाद वहां की स्थानीय संस्कृति के रंग में रंगा नजर आता है।कहीं खीर और पूरियां बनती हैं, तो कहीं मालपुआ और दाल-बाटी जैसे पारंपरिक पकवान तैयार किए जाते हैं।
महाराष्ट्र से लेकर कर्नाटक तक नाग पंचमी के भोग में कई अनोखे व्यंजन शामिल होते हैं। आइए जानते हैं, देश के अलग-अलग राज्यों में नाग पंचमी पर नाग देवता को कौन-कौन से खास पकवान अर्पित किए जाते हैं।
1.मध्य प्रदेश में खीर और पूरियों का भोग
मध्य प्रदेश में नाग पंचमी के मौके पर चावल की खीर और पूरियां बनाने की परंपरा कई जगहों पर देखने को मिलती है। घर में पूजा के लिए तैयार किए गए इन पकवानों को नाग देवता को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।
2.राजस्थान में दाल-बाटी और चूरमा
राजस्थान में नाग पंचमी के मौके पर पारंपरिक दाल-बाटी और चूरमा भी बनाए जाते हैं। देसी घी, दाल और चूरमे का यह कॉम्बिनेशन राजस्थान के पारंपरिक खान-पान की पहचान माना जाता है और कई परिवारों में पर्व के भोजन का हिस्सा बनता है।
3.यूपी-बिहार में मालपुए की मिठास
उत्तर प्रदेश और बिहार में नाग पंचमी के दिन मालपुआ बनाने की परंपरा कई जगहों पर मिलती है। आटे या मैदा से तैयार इस मीठे पकवान को घी में पकाया जाता है और पूजा के बाद भोग के रूप में चढ़ाया जाता है।
4.महाराष्ट्र का खास पकवान है पुरण डिंडे
महाराष्ट्र में नाग पंचमी से जुड़े खास व्यंजनों में पुरण डिंडे का नाम आता है। इसमें चने की दाल और गुड़ से तैयार मीठी भरावन की जाती है। इसे भाप में पकाने की वजह से इसका स्वाद और टेक्सचर सामान्य मिठाइयों से थोड़ा अलग होता है।
5.कर्नाटक में पाथोली की खास जगह
कर्नाटक में नाग पंचमी के अवसर पर पाथोली समेत कई पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं। पाथोली में चावल और दाल के मिश्रण के साथ नारियल और गुड़ की भरावन होती है। इसे हल्दी के पत्तों में रखकर भाप में पकाया जाता है। इसके अलावा अक्की हलबाई और अलग-अलग तरह के लड्डू भी कई घरों में तैयार किए जाते हैं।
6.सिंधी समुदाय में गोग्यो की परंपरा
सिंधी समुदाय में नाग पंचमी को गोग्यो या गोगरो नाम से भी जाना जाता है। इस मौके पर मीठी कोकी बनाई जाती है, जिसके लिए गुड़ के पानी से आटा गूंथा जाता है। इसके साथ दही और मक्खन भी परंपरागत रूप से परोसे जाते हैं।
नाग पंचमी पर बनाए जाने वाले ये पकवान बताते हैं कि भारत में एक ही त्योहार अलग-अलग इलाकों में कितने अलग अंदाज से मनाया जाता है। पकवान बदल जाते हैं, लेकिन पूजा, श्रद्धा और परंपरा का भाव वही रहता है। यही विविधता भारतीय त्योहारों को खास बनाती है।