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छत्तीसगढ़ में बारिश का जोर: सूरजपुर में सड़कें बहीं, कच्चे मकान गिरे; कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटों में उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश हुई। सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, 18 अगस्त को उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

सूरजपुर में बारिश से बिगड़े हालात

सूरजपुर जिले के दूरस्थ चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह सड़कें पानी के तेज बहाव में बह गईं, जबकि कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

कांतीपुर गांव में सड़क पर बनी पाइप पुलिया तेज बहाव के कारण बह गई, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ रहा है।

उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की आशंका

बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में बने दबाव के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। मौसम विभाग ने उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। रायपुर समेत कई जिलों में भी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

रायपुर में बादल और गरज-चमक के साथ बारिश

राजधानी रायपुर में मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के साथ बारिश हो सकती है।

कोरबा में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों में कोरबा में सबसे अधिक 17 सेमी बारिश दर्ज की गई। कोटाडोल और बिहारपुर में 10-10 सेमी, अजगरबहार में 9 सेमी और डौंडीलोहारा में 7 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई।

इसके अलावा ओडगी, रायपुर शहर, छाल और कापू में 6-6 सेमी तथा लाल बहादुर नगर, अंबागढ़ चौकी, लखनपुर, छुरा और दर्री में 5-5 सेमी बारिश दर्ज की गई।

अगले दो दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है।

बारिश के दौरान निचले इलाकों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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