Bhopal News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में आयोजित प्रशिक्षुओं के अभिमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री करीब 550 प्रशिक्षुओं से बातचीत करेंगे और उनके प्रशिक्षण, अनुभव तथा रोजगार से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
प्रशिक्षण सुविधाओं का लेंगे जायजा
मुख्यमंत्री ग्लोबल स्किल्स पार्क का भ्रमण कर यहां उपलब्ध आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे। वे अकादमिक लैब, अत्याधुनिक मशीनों और तकनीकी संसाधनों की जानकारी लेंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं से पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार को लेकर उनकी तैयारियों पर फीडबैक भी लिया जाएगा।
उद्योग प्रतिनिधियों के साथ होगी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। बैठक में उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने पर चर्चा होगी।
सरकार का जोर ऐसे कौशल विकास कार्यक्रमों पर है, जिनसे युवाओं को केवल प्रमाणपत्र न मिले, बल्कि उन्हें वास्तविक कार्यस्थल पर इस्तेमाल होने वाले व्यावहारिक और तकनीकी कौशल भी हासिल हों।
इन तकनीकी क्षेत्रों में मिल रही ट्रेनिंग
ग्लोबल स्किल्स पार्क में एक वर्षीय एडवांस्ड स्किल कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- एडवांस्ड प्रिसिजन इंजीनियरिंग
- ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी
- मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल सर्विसेज
जैसे तकनीकी क्षेत्र शामिल हैं।
प्रशिक्षुओं को आधुनिक मशीनों और उपकरणों पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वे उद्योगों में काम करने की वास्तविक परिस्थितियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
सिंगापुर की संस्था का तकनीकी सहयोग
संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख कौशल विकास परियोजनाओं में शामिल है। इसे सिंगापुर के ITEES के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है। संस्थान में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
वहीं NCVET के साथ समझौते के बाद मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों में परीक्षा, कौशल मूल्यांकन और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने का रास्ता मजबूत हुआ है।
युवाओं को रोजगार से जोड़ना लक्ष्य
ग्लोबल स्किल्स पार्क का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशिक्षण व्यवस्था की जमीनी स्थिति जानने और युवाओं से सीधे फीडबैक लेने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।