रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ न्यायाधिकरण ने वक्फ संपत्ति पर कथित अवैध कब्जे के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायाधिकरण ने कब्जाधारी को 45 दिनों के भीतर संपत्ति खाली कर संबंधित वक्फ संस्था को कब्जा सौंपने का निर्देश दिया है।
यह आदेश राजधानी रायपुर के सदर बाजार स्थित अंजुमन ए सैफी दाऊदी बोहरा जमात रायपुर की पंजीकृत वक्फ संपत्ति से जुड़े मामले में दिया गया है।
सदर बाजार की वक्फ संपत्ति से जुड़ा मामला
मामला सदर बाजार रायपुर स्थित दुकान और गोदाम से संबंधित है। जानकारी के मुताबिक, मकान नंबर 923 और 924 में करीब 900 वर्गफुट क्षेत्र तथा मकान नंबर 523 और 524 में निर्मित दुकान एवं गोदाम पर सुभाष चंद्र जैन, प्रोपराइटर सूरज ज्वेलर्स का कब्जा बताया गया था।
इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने वक्फ अधिनियम की धारा 54 के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति से कथित अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया था।
वक्फ न्यायाधिकरण ने बरकरार रखा बोर्ड का आदेश
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ न्यायाधिकरण की पीठ ने राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा पारित आदेश को सही मानते हुए कब्जाधारी को संपत्ति खाली करने का निर्देश दिया।
पीठ में पीठासीन अधिकारी एवं जिला न्यायाधीश कमलेश कुमार जुरी, सदस्य हामिद हुसैन खान और वीके राजपूत शामिल थे। आदेश सर्वसम्मति से पारित किया गया।
न्यायाधिकरण ने कब्जाधारी को निर्धारित अवधि के भीतर संपत्ति खाली कर संबंधित वक्फ संस्था को उसका कब्जा सौंपने के निर्देश दिए हैं।
वक्फ संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी
वक्फ न्यायाधिकरण के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने इसे वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण आदेश बताया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण या अवैध कब्जे की शिकायतें हैं, उन्हें कब्जामुक्त कराने के लिए राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है।
बोर्ड का कहना है कि वक्फ संपत्तियों को सुरक्षित रखना और उनका उपयोग संबंधित वक्फ संस्था के निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।