भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत बढ़त के साथ की। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, वहीं इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी अब भी बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है।
सेंसेक्स 200 अंक से अधिक चढ़ा
सोमवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 207.73 अंक की बढ़त के साथ 77,748.56 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी 50.66 अंक बढ़कर 24,302.65 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
ईरान को लेकर अमेरिका की ओर से नए प्रतिबंधों की घोषणा से पहले कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। इससे तेल आयात पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू शेयर बाजार को कुछ राहत मिली।
इन्फोसिस और HDFC Bank ने संभाला मोर्चा
बाजार की तेजी में दिग्गज कंपनियों के शेयरों की अहम भूमिका रही। इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक में शुरुआती कारोबार के दौरान खरीदारी देखने को मिली। इन प्रमुख शेयरों में मजबूती का असर सेंसेक्स और निफ्टी पर भी दिखाई दिया।
पश्चिम एशिया का तनाव अब भी चिंता
हालांकि बाजार बढ़त में रहा, लेकिन निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर बनी हुई है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड और महंगाई से जुड़ी चिंताएं बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी आती है तो इसका असर भारत की महंगाई और बाजार की दिशा पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतक महत्वपूर्ण रहेंगे।
24,284 का स्तर निफ्टी के लिए अहम
बाजार विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 21 अगस्त 2026 का 24,284 का उच्च स्तर महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर मजबूती बनाए रखने में सफल रहता है तो इसे बाजार में रिकवरी के सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा सकता है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
सोमवार को एशियाई बाजारों में कारोबार का रुख मिश्रित रहा। जापान का निक्केई 225 फ्यूचर्स करीब 0.2 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि TOPIX में 0.3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी करीब 0.6 प्रतिशत चढ़ा।
इसके विपरीत हांगकांग का हैंग सेंग करीब 2 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.8 प्रतिशत की गिरावट में रहे। यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कोई खास बदलाव नहीं दिखा। वहीं, S&P 500 फ्यूचर्स भी लगभग स्थिर रहे।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
कुल मिलाकर घरेलू बाजार को कच्चे तेल की नरमी और प्रमुख शेयरों में खरीदारी से सहारा मिला है, लेकिन वैश्विक तनाव और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को आने वाले सत्रों में वैश्विक बाजारों के रुख, तेल की कीमतों और प्रमुख तकनीकी स्तरों पर नजर रखनी होगी।
नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह लें।