बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार रात एक कथित सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया। दो पक्षों के आमने-सामने आने के बाद पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। कई वाहन, घर और दुकानें क्षतिग्रस्त होने की बात कही जा रही है।
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पथराव के दौरान तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी घायल हो गए। एक आरक्षक सहित कई अन्य लोगों के भी घायल होने की जानकारी है।
हालात को नियंत्रित करने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह हेलमेट पहनकर मौके पर पहुंचे। इसके अलावा जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
सोशल मीडिया कमेंट से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित आपत्तिजनक कमेंट को लेकर हुई। इसके बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग सिटी कोतवाली क्षेत्र के खपरगंज पहुंचे।
यहां दोनों पक्षों के बीच पहले बहस और मारपीट हुई। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि युवकों की भीड़ जुटने की सूचना पुलिस अधिकारियों को पहले ही दे दी गई थी। हालांकि, शुरुआती स्तर पर पेट्रोलिंग टीम को मौके पर भेजा गया। बाद में स्थिति तेजी से बिगड़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि यदि वरिष्ठ अधिकारी समय रहते मौके पर पहुंच जाते तो हालात को नियंत्रित किया जा सकता था। हालांकि, घटना को लेकर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है।
CSP के साथ धक्का-मुक्की, TI के सिर में लगी चोट
तनाव बढ़ने के बाद दोनों पक्षों की भीड़ आमने-सामने आ गई। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति काबू से बाहर होती चली गई।
बताया गया कि सिविल ड्रेस में मौके पर पहुंचे CSP गगन कुमार के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। वहीं पथराव के दौरान तारबाहर TI रवि तिवारी के सिर में चोट लगी और उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया।
एक आरक्षक सहित कई अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल
सिटी कोतवाली चौक के पास पुलिस ने पहले दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति शांत कराने की कोशिश की। लेकिन पथराव शुरू होने के बाद पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया।
इसके बाद आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। रिपोर्ट के मुताबिक, फायरिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण सरकंडा TI प्रदीप आर्या ने कुछ आंसू गैस के गोले हाथ से भीड़ की दिशा में फेंके। करीब 5 से 6 गोले छोड़े जाने के बाद भी कुछ समय तक भीड़ नियंत्रित नहीं हुई।
भीड़ ने थाने में घुसकर किया हंगामा
हालात बिगड़ने के दौरान भीड़ सिटी कोतवाली थाने के परिसर तक पहुंच गई। यहां लोगों ने हंगामा और नारेबाजी की।
भीड़ की मांग थी कि पथराव और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया।
पड़ोसी जिलों से बुलाया गया अतिरिक्त बल
स्थिति को देखते हुए एसएसपी ने पुलिस लाइन और जिले के अलग-अलग थानों से अतिरिक्त जवानों को मौके पर बुलाया। इसके साथ ही जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ से भी बल मंगाया गया।
रात करीब 2:30 बजे तक इलाके में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और नारेबाजी होती रही। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त शुरू कर दी।
लाठी लेकर सड़क पर उतरे SSP
लगातार तनाव को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह खुद पुलिस बल के साथ सड़क पर उतरे। आसपास की बिजली बंद कर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की।
इसके बाद कलेक्टर और एसएसपी ने हेलमेट पहनकर इलाके में पैदल मार्च किया। पुलिस की मौजूदगी में भीड़ को धीरे-धीरे तितर-बितर किया गया।
करीब 3 बजे तक पुलिस की टीमें इलाके में पेट्रोलिंग करती रहीं।
सिटी कोतवाली चौक पर पुलिस की तैनाती
घटना के बाद मसानगंज और खपरगंज क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सिटी कोतवाली चौक के आसपास बैरिकेडिंग की गई है।
सुबह तक पुलिस की टीमें इलाके में गश्त करती रहीं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।
कलेक्टर-SSP बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि व्यक्तिगत विवाद के बाद दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी और दोनों ओर से पथराव हुआ। घटना में कुछ लोगों को चोटें आई हैं।
अधिकारियों के अनुसार 400 से अधिक पुलिस जवान मौके पर तैनात किए गए हैं और पड़ोसी जिलों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


