Meta Pixel

माधुरी साहू को मिला ‘नारी शक्ति सम्मान 2026’: 26 हजार महिला समूहों की रोजगार-आजीविका की आवाज बनीं

Spread the love

महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान के लिए माधुरी साहू को ‘नारी शक्ति सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की ओर से आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह में उन्हें महिला अधिकारों, आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में लगातार किए जा रहे कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

माधुरी साहू लंबे समय से बिहान और महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ काम कर रही हैं। उनका प्रयास ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना रहा है।

महिला अधिकारों के साथ स्वास्थ्य और पोषण पर भी जोर

माधुरी साहू ने महिलाओं के अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम और शिविर आयोजित करने के अलावा किशोरियों में पोषण तथा एनीमिया की रोकथाम को लेकर भी उन्होंने काम किया है।

उनके प्रयासों का फोकस विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य, पोषण, अधिकारों और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर रहा है।

26 हजार महिला समूहों की आजीविका की आवाज उठाई

माधुरी साहू के सामाजिक नेतृत्व का एक अहम पहलू महिला स्व-सहायता समूहों के रोजगार और आजीविका से जुड़े मुद्दों को उठाना रहा है। रेडी टू ईट और पोषण आहार योजना से प्रभावित महिला समूहों की रोजगार संबंधी समस्याओं को उन्होंने व्यापक स्तर पर शासन-प्रशासन के सामने रखा।

उन्होंने प्रदेशभर की महिला स्व-सहायता समूहों को एकजुट कर करीब 26 हजार महिला समूहों की रोजगार और आजीविका से जुड़ी मांगों को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया।

उनका कहना रहा कि यह सिर्फ रोजगार का मुद्दा नहीं है, बल्कि हजारों महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, सम्मान और परिवार की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

सामूहिक प्रयासों से रोजगार को मिली नई दिशा

लगातार प्रयास और सामूहिक नेतृत्व के बाद महिला स्व-सहायता समूहों को दोबारा रोजगार से जोड़ने की दिशा में पहल हुई। इससे समूहों से जुड़ी महिलाओं की आजीविका को मजबूती मिलने के साथ उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी सहारा मिला।

माधुरी साहू का मानना है कि महिला सशक्तिकरण केवल जागरूकता अभियान चलाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। महिलाओं को रोजगार के अवसर, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार भी मिलना चाहिए।

‘महिलाएं सिर्फ लाभार्थी नहीं, सशक्त भागीदार बनें’

माधुरी साहू के कार्यों का उद्देश्य महिलाओं को सरकारी योजनाओं का केवल लाभ लेने वाला वर्ग बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना रहा है।

उनका जोर इस बात पर है कि महिलाएं अपनी समस्याओं और मांगों को मजबूती से शासन-प्रशासन के सामने रखने में सक्षम हों। इसी सामाजिक सरोकार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर सक्रियता को देखते हुए उन्हें ‘नारी शक्ति सम्मान 2026’ से नवाजा गया।

माधुरी साहू का कहना है कि जब कोई महिला आर्थिक रूप से मजबूत और अपने अधिकारों को लेकर जागरूक होती है, तो उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। मजबूत महिलाएं ही मजबूत परिवार और मजबूत समाज की नींव तैयार करती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *