Car Care Tips: कार की सर्विसिंग कराने से पहले अगर आप कुछ बेसिक चीजों की जांच खुद कर लें, तो आपको अपनी गाड़ी की स्थिति का बेहतर अंदाजा हो सकता है। कई बार छोटी-सी समस्या को समय पर पहचान लेने से बड़ी खराबी से बचा जा सकता है।
इसके अलावा, जब आपको पता हो कि कार में कौन-सी चीज सही है और किस हिस्से पर ध्यान देने की जरूरत है, तो सर्विस सेंटर पर होने वाले काम को समझना भी आसान हो जाता है। अच्छी बात यह है कि इनमें से कई जांच आप घर पर बिना किसी खास खर्च के कर सकते हैं।
1. एयर फिल्टर की स्थिति जरूर देखें
एयर फिल्टर इंजन तक पहुंचने वाली हवा को साफ करने का काम करता है। लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद इसमें धूल-मिट्टी जमा हो सकती है। ज्यादा गंदा फिल्टर एयरफ्लो को प्रभावित कर सकता है और इसका असर इंजन के प्रदर्शन और माइलेज पर पड़ सकता है।
सर्विस सेंटर जाने से पहले बोनट खोलकर एयर फिल्टर की हालत देख लें। अगर उसमें सामान्य धूल जमा है और फिल्टर खराब नहीं हुआ है, तो निर्माता के निर्देशों के मुताबिक उसे साफ किया जा सकता है।
लेकिन अगर फिल्टर बहुत ज्यादा गंदा, क्षतिग्रस्त या अपनी उपयोगी स्थिति से बाहर हो चुका है, तो उसे बदलना बेहतर होगा।
2. टायरों का घिसाव और एयर प्रेशर चेक करें
टायर कार की सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक हैं। इसलिए सर्विसिंग से पहले चारों टायरों की स्थिति जरूर देखें।
सबसे पहले टायरों में एयर प्रेशर वाहन निर्माता द्वारा बताए गए स्तर के अनुसार रखें। बहुत कम या ज्यादा प्रेशर से टायर की परफॉर्मेंस और ईंधन खपत प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा टायरों पर असमान घिसाव, कट या अन्य नुकसान की जांच करें। टायर ट्रेड में फंसे छोटे पत्थर या दूसरी चीजों को भी सावधानी से हटाया जा सकता है।
अगर किसी एक टायर का घिसाव बाकी टायरों से काफी अलग दिखाई दे रहा है, तो व्हील अलाइनमेंट या सस्पेंशन से जुड़ी समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।
3. वाइपर ब्लेड और विंडस्क्रीन वॉशर चेक करें
विंडस्क्रीन की साफ-सफाई ड्राइविंग के दौरान विजिबिलिटी के लिए बेहद जरूरी है। धूल और गंदगी के कारण वाइपर ब्लेड पर अतिरिक्त घिसाव हो सकता है और खराब ब्लेड शीशे पर निशान छोड़ सकते हैं।
वाइपर ब्लेड को साफ कपड़े से साफ करके उसकी स्थिति देख सकते हैं। अगर ब्लेड कांच पर ठीक से सफाई नहीं कर रहा है, आवाज कर रहा है या निशान छोड़ रहा है, तो उसे बदलने की जरूरत हो सकती है।
साथ ही वॉशर फ्लूइड का स्तर भी जांच लें। सिर्फ सामान्य पानी या घरेलू क्लीनिंग प्रोडक्ट डालने के बजाय वाहन के लिए उपयुक्त विंडस्क्रीन वॉशर फ्लूइड इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
4. इंजन ऑयल और कूलेंट का लेवल जांचें
इंजन ऑयल की मात्रा और कूलेंट का स्तर कार के बेसिक मेंटेनेंस का अहम हिस्सा है।
इंजन ऑयल जांचने के लिए डिपस्टिक का इस्तेमाल करें और वाहन निर्माता द्वारा बताए गए सही लेवल के निशानों के अनुसार जांच करें। ऑयल कम होने पर बिना जानकारी के कोई भी तेल डालने के बजाय कार के मैनुअल में बताए गए स्पेसिफिकेशन का पालन करें।
इसी तरह कूलेंट रिजर्वायर का स्तर भी देखें। अगर कूलेंट कम है तो उसमें मनमाने तरीके से पानी या कोई दूसरा तरल न डालें। वाहन निर्माता द्वारा बताए गए सही कूलेंट और मिश्रण अनुपात का ही इस्तेमाल करें।
5. बैटरी टर्मिनल और केबल की जांच करें
कार की बैटरी पर समय के साथ सफेद या हरे रंग का जमाव दिखाई दे सकता है। ज्यादा जमाव बैटरी कनेक्शन को प्रभावित कर सकता है।
बैटरी की जांच करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और वाहन निर्माता के निर्देशों का पालन करें। बैटरी केबल ढीली तो नहीं है, यह भी देखा जा सकता है।
अगर कार बार-बार स्टार्ट होने में परेशानी कर रही है, बैटरी जल्दी डाउन हो रही है या टर्मिनल बुरी तरह खराब दिखाई दे रहे हैं, तो केवल सफाई करके समस्या को नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में बैटरी और चार्जिंग सिस्टम की प्रोफेशनल जांच जरूरी है।
सर्विस सेंटर जाने से पहले ये जांच क्यों फायदेमंद?
इन पांच बेसिक चेकअप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको सर्विस सेंटर पहुंचने से पहले ही अपनी कार की मौजूदा स्थिति का शुरुआती अंदाजा हो जाता है।
इससे आपको यह समझने में मदद मिल सकती है कि कौन-सा पार्ट सिर्फ सफाई मांग रहा है और किस चीज में वास्तव में रिपेयर या रिप्लेसमेंट की जरूरत हो सकती है। इससे सर्विस सेंटर पर होने वाले काम को समझना भी आसान हो जाता है।
हालांकि, घर पर किए जाने वाले ये चेकअप कार की पूरी सर्विस का विकल्प नहीं हैं। ब्रेक, सस्पेंशन, इंजन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम या किसी गंभीर खराबी की स्थिति में प्रशिक्षित मैकेनिक से वाहन की जांच जरूर कराएं।