कैलिफोर्निया। Apple में करीब 15 साल बाद नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। टिम कुक ने मंगलवार को कंपनी के CEO पद की जिम्मेदारी जॉन टर्नस को सौंप दी। अब कुक कंपनी में एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। टर्नस ऐसे समय Apple की कमान संभाल रहे हैं, जब टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
टिम कुक ने 2011 में Apple के सह-संस्थापक और दिग्गज टेक विजनरी स्टीव जॉब्स के बाद CEO का पद संभाला था। जॉब्स की विरासत को आगे बढ़ाते हुए कुक ने कंपनी की कार्यशैली में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका फोकस मुख्य रूप से सप्लाई चेन, ऑपरेशंस और बिजनेस को बड़े पैमाने पर विस्तार देने पर रहा।
कुक के दौर में Apple की कमाई कई गुना बढ़ी
टिम कुक के नेतृत्व में Apple ने कारोबार के मामले में जबरदस्त विस्तार किया। उनके कार्यकाल की शुरुआत में कंपनी की सालाना बिक्री करीब 108 अरब डॉलर थी, जो पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर लगभग 416 अरब डॉलर हो गई।
इस दौरान कंपनी का मुनाफा भी चार गुना से ज्यादा बढ़कर करीब 112 अरब डॉलर तक पहुंच गया। Apple के वियरेबल्स कारोबार ने भी तेजी से विस्तार किया। Apple Watch और AirPods जैसे उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ने के साथ वित्त वर्ष 2025 में इस सेगमेंट की बिक्री करीब 35 अरब डॉलर रही।
सिर्फ iPhone बिक्री पर निर्भर नहीं रहा Apple
कुक ने Apple के बिजनेस मॉडल में एक अहम बदलाव किया। कंपनी का फोकस सिर्फ नए iPhone बेचने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मौजूदा ग्राहकों से लंबे समय तक कमाई करने पर भी जोर दिया गया।
Apple ने अपने विशाल इंस्टॉल्ड यूजर बेस को सर्विसेज और अन्य डिजिटल सेवाओं के जरिए लगातार आय के स्रोत में बदलने की रणनीति अपनाई। करीब 2.5 अरब इंस्टॉल्ड iPhone यूजर्स के बड़े आधार ने कंपनी के सर्विस कारोबार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
Services बिजनेस ने पकड़ी तेज रफ्तार
कुक के नेतृत्व में Apple की Services से होने वाली कमाई ने भी तेजी से विस्तार किया। हाल के वर्षों में इस कारोबार की ग्रोथ हार्डवेयर बिजनेस की तुलना में ज्यादा तेज रही है।
जहां स्टीव जॉब्स को प्रोडक्ट डिजाइन और इनोवेशन के लिए जाना जाता था, वहीं कुक ने Apple की सप्लाई चेन और ऑपरेशनल क्षमता को कंपनी की प्रमुख ताकत बनाया। उत्पादन से लेकर दुनिया भर में उत्पादों की सप्लाई तक Apple ने एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया, जिसे इंडस्ट्री में प्रभावी मॉडल माना जाता है।
वित्तीय सलाहकार क्रिस्टोफर ब्राउन के मुताबिक, कुक ने ऑपरेशंस और सप्लाई चेन के साथ-साथ कंपनी की आंतरिक संस्कृति को भी मजबूत किया। इससे ग्राहकों का Apple ब्रांड पर भरोसा और जुड़ाव बढ़ाने में मदद मिली।
John Ternus के सामने AI की सबसे बड़ी चुनौती
अब Apple के नए CEO जॉन टर्नस के सामने सबसे बड़ी चुनौती AI के क्षेत्र में कंपनी की स्थिति मजबूत करना होगी। टर्नस इससे पहले Apple के हार्डवेयर प्रमुख के तौर पर काम कर चुके हैं।
AI की दौड़ में Apple पर निवेशकों की नजर खास तौर पर उसकी AI रणनीति पर है। कंपनी को इस क्षेत्र में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। खास तौर पर Siri के नए AI-सक्षम वर्जन में देरी को लेकर Apple की रणनीति पर सवाल उठे हैं।
इसके अलावा Apple Vision Pro हेडसेट की बिक्री भी कंपनी की शुरुआती उम्मीदों के मुताबिक मजबूत नहीं रही। ऐसे में टर्नस को एक ओर Apple के मौजूदा प्रोडक्ट इकोसिस्टम में AI को बेहतर तरीके से शामिल करना होगा, वहीं दूसरी ओर कंपनी की टेक्नोलॉजी लीडरशिप को भी बनाए रखना होगा।
Cook अब संभालेंगे एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका
टिम कुक ने 1 सितंबर से एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल ली है। वहीं जॉन टर्नस अब Apple के CEO के तौर पर कंपनी के रोजमर्रा के संचालन और भविष्य की रणनीति की कमान संभालेंगे।
कुक के 15 साल के कार्यकाल के बाद Apple का अगला चरण AI, नए प्रोडक्ट इनोवेशन और टेक्नोलॉजी में प्रतिस्पर्धा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।