Meta Pixel

नगरीय क्षेत्रों में पंडाल एवं अस्थाई संरचना निर्माण को लेकर कलेक्टर श्री सिंह की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

Spread the love

दुर्ग, 2 सितंबर 2026 / दुर्ग जिले में आगामी त्यौहारों एवं सार्वजनिक आयोजनों के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने नगरीय क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों पर पंडालों एवं अस्थाई संरचनाओं के निर्माण के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मार्गदर्शिका के तारतम्य में जारी इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया गया है। विगत मंगलवार को कलेक्टर श्री सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टरेट सभा कक्ष में नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल भी सम्मिलित हुए। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर पूर्व में जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाएगा। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की भूमि पर किसी भी आयोजन की अनुमति देने से पूर्व बीएसपी प्रबंधन की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, नगरीय निकायों द्वारा क्षेत्रफल के आधार पर निर्धारित शुल्क लिया जाएगा, जिसकी जानकारी तत्काल कलेक्टर कार्यालय में दी जाएगी और दरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
   इसी क्रम में, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए प्रत्येक अनुमति से पूर्व पुलिस विभाग का अभिमत अनिवार्य किया गया है। मार्ग बाधित होने की स्थिति में पुलिस की सहमति से वैकल्पिक मार्ग का निर्धारण कर इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस, तहसीलदार एवं एसडीएम को दी जाएगी और इसका स्पष्ट उल्लेख अनुमति आदेश में भी रहेगा; वैकल्पिक मार्ग न होने पर आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु आयोजकों से क्षेत्रफल एवं संभावित भीड़ के आधार पर ष्स्वच्छता सुरक्षा निधिष् जमा कराई जाएगी, जिसे आयोजन के बाद स्थल की साफ-सफाई कर वापस सौंपने पर एक सप्ताह के भीतर बिना ब्याज लौटा दिया जाएगा, अन्यथा सफाई न कराने पर राशि राजसात कर सफाई कार्य कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आयोजकों को अनुमानित संख्या के आधार पर पर्याप्त महिला एवं पुरुष शौचालय बनाने होंगे अथवा नगरीय निकाय पृथक शुल्क लेकर यह व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। सुरक्षा के लिहाज से 5000 वर्ग फीट तक के आयोजन में न्यूनतम 8 तथा उससे अधिक क्षेत्रफल के आयोजनों में उसी अनुपात में अच्छी गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे (कम से कम 3 दिन के रिकॉर्डिंग बैकअप के साथ) प्रवेश, निकास, पार्किंग, मूर्ति स्थल व मनोरंजन क्षेत्रों को कवर करते हुए लगाने अनिवार्य होंगे।
   तकनीकी सुरक्षा एवं परिसंपत्ति की सुरक्षा के संबंध में, नगरीय निकाय के अभियंताओं द्वारा संरचनात्मक स्थायित्व एवं विद्युत सुरक्षा का परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी करने के बाद ही अनुमति दी जाएगी। बिजली कंपनी या बीएसपी विद्युत विभाग से अनापत्ति, अस्थाई कनेक्शन (मीटर सहित) तथा सुरक्षा निधि वापसी से पूर्व नो-ड्यूस प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति या विरूपण से बचाने के लिए 5000 वर्ग फीट तक के आयोजनों हेतु 10,000 रुपये तथा उससे अधिक के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से अग्रिम सुरक्षा निधि जमा ली जाएगी, जिसे आयोजन समाप्ति के 1 सप्ताह बाद स्थल निरीक्षण व पंचनामा उपरांत नुकसान न पाए जाने पर लौटा दिया जाएगा। अग्निशमन उपायों के तहत, पंडालों को स्थिर एवं अग्निरोधी सामग्री से निर्मित करने, बिजली तारों के नीचे निर्माण न करने तथा नगर सेना एवं अग्निशमन सेवाओं से फायर ऑडिट कराकर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है; साथ ही अग्निशामक यंत्र, रेत एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखनी होगी।
   आपातकालीन प्रबंधन एवं पार्किंग व्यवस्था पर जोर देते हुए, पार्किंग, पंडाल, मूर्ति एवं झूला का ले-आउट ऐसा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं जिससे फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के लिए निर्बाध पहुंच मार्ग उपलब्ध रहे। पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए कुल आवेदित स्थल का न्यूनतम 50 प्रतिशत भाग पार्किंग हेतु आरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है, जो आयोजन स्थल से अधिकतम 50 मीटर की दूरी पर स्थित हो और इसके लिए कोई अवैध पार्किंग शुल्क नहीं वसूला जाएगा। इसके अलावा, झूलों, मनोरंजन यंत्रों एवं 15 फीट से ऊंची झांकियों/गुफाओं के लिए लोक निर्माण विभाग या संबंधित निकाय के इंजीनियर से तकनीकी सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण एवं शांति व्यवस्था के संदर्भ में, निर्देश दिया गया है कि केवल निर्धारित मापदंडों के भीतर ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग होगा तथा अश्लील, आपत्तिजनक या धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गानों, भाषणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा; उल्लंघन पर पुलिस द्वारा सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। व्हीकल माउंटेड डी.जे., एम्पलीफायर तथा बेस का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा एवं रात्रि 10 बजे के पश्चात किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर/साउंड बॉक्स का उपयोग वर्जित रहेगा, नियम तोड़ने पर उपकरण जब्त कर राजसात किए जाएंगे। साथ ही, आयोजन स्थल एवं विसर्जन यात्रा मार्ग के आसपास पटाखे या आतिशबाजी का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से, केवल मिट्टी से निर्मित प्राकृतिक रंगों वाली मूर्तियों की ही स्थापना की जाएगी; पीओपी, प्लास्टिक, थर्माकोल एवं केमिकल डाई का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
    आयोजन समितियों की जिम्मेदारी तय करते हुए, पुरुष एवं महिला वालंटियर्स तथा सिक्योरिटी गार्ड्स की तैनाती अनिवार्य की गई है, जिनकी सूची परिचय पत्र सहित स्थानीय पुलिस, निकाय व एसडीएम कार्यालय में जमा होगी; रात्रि में भी समिति के कम से कम 2 सदस्य मूर्ति स्थल पर तैनात रहेंगे। पंडालों में मापदंडों के अनुरूप पृथक कतारें बनाई जाएंगी तथा मादक द्रव्यों का सेवन कर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसी क्रम में, पूजा हेतु चंदा पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा और अनिवार्य रूप से रसीद दी जाएगी; जबरन वसूली की शिकायत पर सख्त कानूनी कार्यवाही होगी। विसर्जन प्रक्रिया के तहत, मूर्तियों का विसर्जन केवल स्थानीय निकाय द्वारा निर्मित अस्थायी कुंडों या चिन्हित स्थलों पर, पूजा सामग्री हटाकर, पितृपक्ष प्रारंभ होने से पूर्व निर्धारित तिथि पर ही किया जाएगा। विसर्जन के 24 घंटे के भीतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत कचरे का निपटान किया जाएगा।
   अंतिम चरण में विसर्जन व्यवस्था एवं झांकियों के संबंध में, विसर्जन स्थलों पर निकाय, बीएसपी एवं नगर सेना द्वारा प्रकाश, क्रेन व गोताखोर/बचाव दल की व्यवस्था रहेगी। झांकियों के विसर्जन हेतु पावर हाउस-मुर्गा चौक-सेक्टर 9-तालपुरी चौक-ठगड़ा बांध मार्ग तथा दुर्ग से गंजपारा-मिनीमाता चौक-पुलगांव होते हुए शिवनाथ नदी का मार्ग निर्धारित किया गया है, किसी अन्य मार्ग से प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसी प्रकार, विसर्जन झांकी में केवल 3 वाहन (मूर्ति वाहन, झांकी वाहन, जनरेटर) ही शामिल हो सकेंगे और झांकी की अधिकतम ऊंचाई वाहन सहित 15 फीट निर्धारित की गई है। विसर्जन यात्रा में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, भाला, तलवार, डंडा, नकली हथियार या पटाखे रखना व चलाना पूर्णतः वर्जित रहेगा, उल्लंघन पर आयुध अधिनियम के तहत जब्ती व कार्यवाही होगी। प्रत्येक झांकी के साथ 8 वालंटियर्स रहेंगे और केवल धार्मिक भजनों की अनुमति होगी। अंततः, शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर आयुक्त अथवा मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी अनुमति को निरस्त किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *