Gold Silver Price Today, 4 September 2026: घरेलू सर्राफा बाजार में आज यानी 4 सितंबर को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम का भाव ₹967 बढ़कर ₹1,54,908 पर पहुंच गया है।
वहीं, चांदी की कीमत में भी जोरदार बढ़ोतरी हुई है। एक किलो चांदी का भाव ₹2,439 उछलकर ₹2,34,972 पर पहुंच गया है।
2026 में सोना अब तक ₹22 हजार महंगा
इस साल सोने की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हालांकि, कुल मिलाकर सोने का भाव काफी ऊपर गया है।
31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1.33 लाख थी। अब यह बढ़कर ₹1.55 लाख के करीब पहुंच गई है। यानी इस साल अब तक सोना लगभग ₹22 हजार महंगा हो चुका है।
चांदी की बात करें तो 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो था, जो अब बढ़कर लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो हो गया है।
इस साल 29 जनवरी को सोने और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था। उस दिन सोने का भाव ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया था।
अलग-अलग शहरों में सोने के रेट अलग क्यों होते हैं?
सोने की कीमत पूरे देश में एक जैसी नहीं रहती। अलग-अलग शहरों में स्थानीय परिस्थितियों के कारण रेट में अंतर देखने को मिल सकता है। इसके पीछे प्रमुख कारण हैं:
1. ट्रांसपोर्ट और सिक्योरिटी खर्च
सोने को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में परिवहन के साथ सुरक्षा का खर्च भी जुड़ता है। दूरी और लॉजिस्टिक लागत बढ़ने पर इसका असर कीमत पर पड़ सकता है।
2. स्थानीय मांग और खरीदारी
कुछ क्षेत्रों में सोने की मांग दूसरे इलाकों की तुलना में काफी ज्यादा रहती है। खासकर दक्षिण भारत में कुल खपत का हिस्सा करीब 40% बताया जाता है। बड़ी मात्रा में खरीद होने के बावजूद स्थानीय बाजार में कीमतों का अंतर बना रह सकता है।
3. लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन
शहर और राज्य स्तर पर ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय डिमांड-सप्लाई और बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए रेट तय करने में भूमिका निभा सकते हैं।
4. ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक
ज्वेलर्स ने जिस कीमत पर पुराना सोना खरीदा है, वह भी बिक्री मूल्य को प्रभावित कर सकता है। इसलिए एक ही समय में अलग-अलग दुकानों पर कीमत में मामूली अंतर दिखाई दे सकता है।
सोना खरीदने से पहले इन 3 बातों का रखें ध्यान
अगर आप ज्वेलरी या सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो केवल बाजार भाव देखकर खरीदारी न करें। इन बातों की भी जांच जरूर करें।
1. BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें
सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क जरूर देखें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है। हॉलमार्क पर अल्फान्यूमेरिक पहचान संख्या भी दर्ज हो सकती है, जैसे AZ4524।
खरीदारी से पहले यह जरूर सुनिश्चित करें कि जिस सोने की कीमत आप चुका रहे हैं, उसकी शुद्धता और हॉलमार्किंग सही है।
2. सोने का रेट क्रॉस-चेक करें
खरीदारी से पहले उस दिन का सोने का भाव अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से जांच लें। IBJA जैसे स्रोतों पर उपलब्ध दरों से बाजार भाव का मिलान किया जा सकता है।
यह भी ध्यान रखें कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के रेट अलग-अलग होते हैं।
इसके अलावा ज्वेलरी का वजन भी खुद जांचें और बिल में दर्ज वजन से उसका मिलान करें।
3. मेकिंग चार्ज पर जरूर बात करें
ज्वेलरी तैयार करने के बदले ज्वेलर द्वारा लिया जाने वाला शुल्क मेकिंग चार्ज कहलाता है। यह हर ज्वेलरी और हर दुकानदार के लिए एक जैसा नहीं होता।
इसलिए खरीदारी के समय मेकिंग चार्ज पर बातचीत जरूर करें। खासकर बड़ी खरीदारी में इसमें कुछ कमी की गुंजाइश हो सकती है।
ज्वेलर से लेबर कॉस्ट का पूरा ब्रेकअप मांगने पर आपको यह समझने में आसानी होगी कि सोने की कीमत के अलावा किस मद में कितना शुल्क लिया जा रहा है।
सोना खरीदते समय सिर्फ भाव नहीं, पूरी लागत देखें
सोने की बाजार कीमत के अलावा ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स समेत कुल भुगतान को समझना जरूरी है। इसलिए अंतिम बिल बनवाने से पहले सभी चार्ज की जानकारी लें और दूसरे ज्वेलर्स के ऑफर से तुलना करें।