कुरुद। ग्राम पंचायतों के विकास, पंचायतों को अधिक स्वायत्त बनाने और सरपंचों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश सरपंच महासंघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव नायक के नेतृत्व में 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के निवास कार्यालय पहुंचकर उन्हें 22 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने पंचायतों के सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं, ग्रामीण विकास कार्यों में आ रही अड़चनों और सरपंचों की विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखा। महासंघ ने पंचायतों को मजबूत और स्वावलंबी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के दौरान महासंघ के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष रघुवीर पिंटू सिन्हा, संकेत अग्रवाल, लखन पटेल, टिकेश्वर साहू, प्रदेश महासचिव राजेश्वरी कैलाश आदिल, शत्रुघ्न चेलक, संरक्षक हरिशंकर साहू, धमतरी अध्यक्ष हिमांशु शेखर साहू और मीडिया प्रभारी तोरण दास मानिकपुरी सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।
सरपंच महासंघ की प्रमुख मांगें
महासंघ ने अपने 22 सूत्रीय मांग पत्र में सरपंचों के मानदेय से लेकर पंचायतों के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों तक कई मुद्दे उठाए। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
1. मानदेय और सामाजिक सुरक्षा:
सरपंचों का मासिक मानदेय 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने की मांग की गई। साथ ही कार्यकाल के दौरान 1 करोड़ रुपये का दुर्घटना एवं जीवन बीमा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
2. वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार:
महासंघ ने 16वें वित्त आयोग की राशि तत्काल जारी करने, हर वर्ष 2 से 5 लाख रुपये की सरपंच निधि उपलब्ध कराने तथा 50 लाख रुपये तक के निर्माण कार्यों में ग्राम पंचायत को ही निर्माण एजेंसी बनाने की मांग की।
3. पंचायतों की प्रक्रियाओं में बदलाव:
पंचायतों के लिए GeM पोर्टल की अनिवार्यता खत्म करने, नई SOR दरें लागू करने और मनरेगा के सामग्री मद का लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग रखी गई। इसके अलावा पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों के स्थानांतरण व अवकाश में सरपंच की सहमति को अनिवार्य करने की मांग भी शामिल है।
4. आवास योजना में सुधार:
महासंघ ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की मांग की। साथ ही ऐसे पात्र हितग्राही जो योजना से अब तक छूट गए हैं, उनके लिए ‘आवास प्लस’ के तहत दोबारा सर्वे कराने की मांग भी की गई।
CM साय ने गंभीरता से सुनीं मांगें
प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल की सभी 22 मांगों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने कहा कि महासंघ को उम्मीद है कि राज्य सरकार जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर पंचायत प्रतिनिधियों को राहत प्रदान करेगी।
महासंघ का कहना है कि पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और गति दी जा सकेगी।