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LPG Cylinder Booking: गांवों में भी अब 25 दिन में बुक होगा गैस सिलेंडर, सरकार ने खत्म की 45 दिन की पाबंदी

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LPG Cylinder Booking Rule: ग्रामीण इलाकों में रहने वाले LPG उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। अब गांवों में भी घरेलू गैस सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में लागू 45 दिन के बुकिंग अंतराल को खत्म कर दिया है। अब शहरों की तरह गांवों में भी 25 दिन के अंतराल पर LPG रिफिल बुक किया जा सकेगा।

केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को नए नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

पहले गांवों में 45 दिन का था अंतराल

LPG की सप्लाई पर दबाव के बीच सरकार ने इस साल मार्च में बुकिंग के नियमों में बदलाव किया था। मंत्री के मुताबिक, 9 मार्च 2026 को शहरी क्षेत्रों में LPG रिफिल बुकिंग का अंतराल 25 दिन किया गया था, जबकि 12 मार्च 2026 से ग्रामीण इलाकों में यह अवधि बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई थी।

यह व्यवस्था अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के दौरान LPG सप्लाई पर बने दबाव को देखते हुए लागू की गई थी।

सप्लाई में सुधार के बाद हटाई गई पाबंदी

सरकार के अनुसार, अब LPG की आपूर्ति की स्थिति में सुधार हुआ है और लंबित बुकिंग की संख्या में भी कमी आई है। इसी को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लागू 45 दिन की पाबंदी को हटाने का फैसला किया गया है।

अब देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घरेलू LPG सिलेंडर की रिफिल बुकिंग को लेकर एक समान 25 दिन का नियम लागू होगा। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक पहले की तुलना में जल्दी सिलेंडर बुक करने की सुविधा मिलेगी।

कमर्शियल LPG सिलेंडर भी हुआ महंगा

दूसरी ओर, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। 1 सितंबर से तेल कंपनियों ने कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 11.50 रुपये की वृद्धि की है।

इसके अलावा 5 किलो वाला छोटा LPG सिलेंडर 2 रुपये महंगा हुआ है। इसकी कीमत अब बढ़कर 764 रुपये हो गई है।

होटल और रेस्टोरेंट पर बढ़ सकता है खर्च

कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और छोटे खाद्य कारोबारों पर पड़ सकता है। गैस की लागत बढ़ने से इन कारोबारों का संचालन खर्च भी बढ़ेगा।

इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक चाय, समोसा, नाश्ता और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम में मामूली बढ़ोतरी कर सकते हैं।

शादी और इवेंट की कैटरिंग भी हो सकती है महंगी

कमर्शियल LPG की कीमत बढ़ने से कैटरिंग कारोबार की लागत भी बढ़ने की संभावना है। शादी-विवाह, पार्टियों और दूसरे आयोजनों में खाना बनाने वाली कैटरिंग कंपनियों को अब गैस पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

इस वजह से आने वाले समय में शादी या अन्य कार्यक्रमों के लिए कैटरिंग सर्विस की कीमतों में भी कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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