Samsung India Layoffs: लागत बढ़ने और बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ने के बीच इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग इंडिया ने भारत में अपने वर्कफोर्स को कम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के टीवी और होम अप्लायंसेज कारोबार में अलग-अलग पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों और अधिकारियों को नौकरी से हटाया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अब तक करीब 80 से 100 कर्मचारियों और अधिकारियों को कंपनी से अलग होने के लिए कहा जा चुका है। प्रभावित लोगों में सैमसंग इंडिया के मुख्यालय में कार्यरत डायरेक्टर स्तर के अधिकारी, टीम लीडर्स के साथ-साथ ब्रांच और एरिया मैनेजर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
सैमसंग इंडिया के सामने क्यों बढ़ा दबाव?
कंपनी पर घरेलू बाजार के साथ-साथ ग्लोबल स्तर पर भी कई तरह के कारोबारी दबाव हैं। इनमें बढ़ती उत्पादन लागत और कमजोर मांग प्रमुख चुनौतियां मानी जा रही हैं।
1. मेमोरी चिप्स की कीमतों में तेज बढ़ोतरी
ग्लोबल मार्केट में मेमोरी चिप्स की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कीमतें दोगुने से अधिक बढ़ने के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा है। इसका सीधा असर प्रोडक्शन कॉस्ट और मार्जिन पर पड़ सकता है।
2. स्मार्टफोन मार्केट में मांग कमजोर
स्मार्टफोन बाजार में मांग में नरमी और इनपुट कॉस्ट बढ़ने से कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। सैमसंग भी इस चुनौती से अछूती नहीं है और बाजार की सुस्ती का असर उसके कारोबार पर पड़ रहा है।
3. चिप सप्लाई को लेकर चिंता
रिपोर्ट्स में ग्लोबल चिप सप्लाई को लेकर भी चिंता जताई गई है। ऐसे संकेत हैं कि सेमीकंडक्टर से जुड़ी चुनौतियां आने वाले वर्षों में भी कंपनियों के लिए परेशानी का कारण बनी रह सकती हैं।
सेल्स और मार्केटिंग टीम का 25% हिस्सा प्रभावित होने की आशंका
फिलहाल छंटनी की प्रक्रिया मुख्य रूप से टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस से जुड़ी बताई जा रही है। हालांकि, आने वाले समय में प्रभावित कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में एक एग्जीक्यूटिव के हवाले से दावा किया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार की सेल्स और मार्केटिंग वर्कफोर्स के करीब 25% हिस्से पर असर पड़ सकता है।
संभावित कटौती में मैनपावर एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त ऑफ-रोल कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सैमसंग के घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सेल्स डिवीजन में लगभग 550 से 600 एग्जीक्यूटिव हैं। इसमें कंपनी का बड़ा स्मार्टफोन सेल्स संगठन शामिल नहीं है।
छोटे बैच में भेजे जा रहे टर्मिनेशन लेटर
प्रभावित कर्मचारियों के हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कंपनी पिछले कुछ दिनों से चरणबद्ध तरीके से टर्मिनेशन लेटर जारी कर रही है। कुछ कर्मचारियों को कथित तौर पर नोटिस पीरियड पूरा किए बिना तत्काल प्रभाव से कंपनी छोड़ने के लिए कहा गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज के तौर पर तीन महीने की सैलरी दी जा रही है। इसके अलावा कंपनी में पूरी की गई सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए एक महीने की अतिरिक्त सैलरी दिए जाने की बात भी कही गई है।
स्मार्टफोन बिजनेस को फिलहाल छंटनी से रखा गया बाहर
सैमसंग ने फिलहाल अपने सबसे बड़े कारोबार यानी स्मार्टफोन डिवीजन को इस छंटनी प्रक्रिया से अलग रखा है। भारत में कंपनी की कुल कमाई में स्मार्टफोन कारोबार की हिस्सेदारी करीब 75% बताई जाती है।
यही वजह है कि कंपनी के लिए फोन की बिक्री में सुधार बेहद महत्वपूर्ण है। स्मार्टफोन सेगमेंट में मांग बढ़ने पर सैमसंग के कुल वित्तीय प्रदर्शन को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, भारतीय स्मार्टफोन बाजार में फिलहाल दबाव बना हुआ है। इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार, स्मार्टफोन बिक्री में साल-दर-साल करीब 11 से 12% की गिरावट दर्ज की गई है।
AC मार्केट में भी बढ़ाना चाहती है हिस्सेदारी
सैमसंग भारत के हाई-वैल्यू एयर कंडीशनर बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी को इस क्षेत्र में अपेक्षित विस्तार हासिल करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी बीच खर्चों को नियंत्रित करने के लिए कंपनी अपने ब्रांच नेटवर्क को छोटा करने और कुछ क्षेत्रीय कार्यालयों को आपस में मर्ज करने की दिशा में भी कदम उठा रही है।
कुल मिलाकर, सैमसंग इंडिया का मौजूदा कदम बढ़ती लागत, बाजार की सुस्ती और ऑपरेशनल खर्चों को नियंत्रित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, छंटनी का अंतिम दायरा कितना होगा, यह कंपनी के आगामी फैसलों पर निर्भर करेगा।