PM Narendra Modi In Vadodara: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में देश को बड़ी विकास परियोजना की सौगात दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन अहम और रणनीतिक सेक्शन राष्ट्र को समर्पित किए।
इन तीनों खंडों की कुल लंबाई 326 रूट किलोमीटर है और इनके निर्माण पर 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। राष्ट्र को समर्पित किए गए सेक्शन में साणंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उमरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (JNPT) शामिल हैं।
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देने पर जोर
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की प्रगति के साथ-साथ देश के अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान दे रहे लोगों की भागीदारी का भी प्रतीक है।
पीएम मोदी ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण के संकल्प को तेज गति देने के उद्देश्य से वह जनता के बीच आए हैं। उन्होंने देश के व्यापार और वाणिज्य के लिए फ्रेट कॉरिडोर को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी भूमिका पर भी चर्चा की।
DFC में देरी को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लंबे समय तक अटके रहने को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विचार 2004 में सामने आया था और 2006 में इसके लिए एक विशेष कंपनी का गठन भी कर दिया गया था।
इसके बावजूद कई वर्षों तक परियोजना जमीन पर आगे बढ़ने के बजाय सरकारी प्रक्रियाओं और फाइलों में ही उलझी रही।
पीएम मोदी ने युवाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब इस परियोजना का विचार सामने आया था, तब यहां मौजूद कई युवा शायद पैदा भी नहीं हुए थे। उन्होंने नौकरशाही की धीमी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया और कहा कि 2014 तक फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहीं।
7-8 साल में नहीं बना एक किलोमीटर भी कॉरिडोर
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि परियोजना की शुरुआती स्थिति से इसकी धीमी रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि योजना बनने के शुरुआती सात से आठ वर्षों में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक किलोमीटर हिस्सा भी पूरा नहीं किया गया था।
पीएम मोदी ने कहा कि यदि देश इसी गति से आगे बढ़ता रहता तो इस परियोजना को पूरा होने में कई पीढ़ियां लग सकती थीं।
2014 के बाद परियोजना को मिली रफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात से दिल्ली तक के अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात की जनता और इस धरती से मिले अनुभवों ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया।
उन्होंने कहा कि 2014 में जब गुजरात की जनता ने उन्हें दिल्ली भेजा, तब केंद्र की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने लंबे समय से अटकी इस परियोजना को गति देने पर काम किया।
पीएम मोदी ने कहा, “वर्ष 2014 में आपने मुझे दिल्ली भेजा। इस मिट्टी ने मुझे जो सिखाया, उसे लेकर मैं दिल्ली गया और वहाँ पहुँचते ही हमने इस काम को तीव्र गति प्रदान की।”
उन्होंने कहा कि केंद्र में नई सरकार बनने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए काम में तेजी लाई गई और अब इसके महत्वपूर्ण हिस्से देश को समर्पित किए जा रहे हैं।
व्यापार और माल ढुलाई के लिए अहम है WDFC
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को देश के माल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना माना जाता है। इसके जरिए माल ढुलाई को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वडोदरा में तीन प्रमुख सेक्शन के उद्घाटन के साथ इस कॉरिडोर का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा परिचालन नेटवर्क से जुड़ गया है। सरकार इसे देश के लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम के तौर पर पेश कर रही है।