नई दिल्ली। घरेलू सराफा बाजार में आज यानी 11 सितंबर 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 269 रुपए घटकर 1,53,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब आ गया है।
इसी तरह चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई। एक किलो चांदी 3,742 रुपए सस्ती होकर करीब 2.30 लाख रुपए पर आ गई है।
2026 में अब तक सोना करीब ₹20 हजार महंगा
सोने की कीमत में इस साल कुल मिलाकर तेजी बनी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना करीब 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर लगभग 1.53 लाख रुपए हो चुका है। यानी 2026 में अब तक इसकी कीमत में करीब 20 हजार रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है।
चांदी की बात करें तो 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। इस साल कीमत में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला और 29 जनवरी 2026 को चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऑलटाइम हाई बनाया था। इसी दिन सोना भी करीब 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था।
दिसंबर तक ₹1.70 लाख पहुंच सकता है सोना
कोटक सिक्युरिटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और कमोडिटी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, सोने को आम निवेशकों के साथ-साथ दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से भी सपोर्ट मिल रहा है। केंद्रीय बैंक लगातार अपने रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
उनके अनुमान के मुताबिक, वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी रहीं तो सोने में आगे भी तेजी जारी रह सकती है। वहीं हालात में सुधार आने पर चांदी में भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर अनुमान है कि दिसंबर तक सोना 1.70 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 3 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर तक पहुंच सकती है।
सोना खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
1. BIS हॉलमार्क जरूर जांचें
सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित आभूषण या गोल्ड ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक फॉर्मेट में होता है।
2. बाजार भाव से कीमत मिलाएं
खरीदारी से पहले उस दिन का सोने का भाव अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से जरूर जांचें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग होती है। इसके अलावा आभूषण का वजन भी ध्यान से जांचें।
3. मेकिंग चार्ज पर बात करें
गहने की कीमत में मेकिंग चार्ज भी शामिल होता है। यह हर ज्वेलर और डिजाइन के हिसाब से अलग हो सकता है। खरीदारी से पहले मेकिंग या लेबर चार्ज का पूरा ब्रेकअप मांगें और संभव हो तो इस पर मोलभाव भी करें।
निवेश से पहले यह ध्यान रखें
सोने और चांदी के भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की कीमत, ब्याज दरों, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों जैसे कई कारकों से प्रभावित होते हैं। इसलिए किसी भी निवेश का फैसला केवल कीमत के अनुमान के आधार पर न लें।
डिस्क्लेमर: ऊपर दिए गए भाव IBJA के उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित हैं। ज्वेलरी खरीदते समय GST, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क अलग से लागू हो सकते हैं। भविष्य की कीमतों के अनुमान निश्चित नहीं होते। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।