रायपुर। छत्तीसगढ़ में तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, आज भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई। बारिश के कारण जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
बेमेतरा में बारिश से धान की फसल को नुकसान
बेमेतरा जिले में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। कटाई के लिए तैयार धान की फसल भीग गई है, जबकि कई खेतों में खड़ी फसल गिरने की भी खबर है।
किसान ओम वर्मा के मुताबिक, बारिश के कारण उनकी 25 से 30 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो नुकसान 50 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका है।
खेतों में पानी भरने और नमी बढ़ने से धान के दाने काले पड़ने, सड़ने और अंकुरित होने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
दो क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे मध्यप्रदेश के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो रही है।
इसके अलावा दक्षिणी अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास भी कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
आज बारिश और बिजली गिरने की संभावना
मौसम विभाग ने शनिवार, 31 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।
रायपुर में छाए रहेंगे बादल
राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
शुक्रवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.9 डिग्री कम था। वहीं, न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।
कुल मिलाकर, तूफान अर्नब का असर कम होने के साथ ही प्रदेश में तापमान बढ़ने के आसार हैं। हालांकि, किसानों के लिए बेमौसम बारिश बड़ी चिंता बनी हुई है।