अंबिकापुर। अंबिकापुर में न्यायालय की प्रक्रिया का फायदा उठाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरोपियों की जमानत कराने वाले एक गिरोह का सरगुजा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य जरूरतमंद लोगों से पैसे लेकर फर्जी पट्टे और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें जमानत के तौर पर न्यायालय में पेश करते थे। मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
जमानत के नाम पर फर्जीवाड़ा
सरगुजा पुलिस के मुताबिक, कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए जमानत के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले इस रैकेट का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि, गिरोह के सदस्य न्यायालय में जरूरतमंद लोगों को अपने जाल में फंसाकर पैसे लेते थे और उनके लिए फर्जी पट्टा समेत अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमानत की प्रक्रिया में इस्तेमाल करते थे।
आरोपियों के कब्जे से ये सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 फर्जी पट्टे, फर्जी आधार कार्ड और 6 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इसके अलावा एक्टीवा स्कूटी, लैपटॉप, 2 प्रिंटर, कीबोर्ड और माउस भी बरामद किए गए हैं। जांच के दौरान फर्जी पट्टे तैयार कराने में राज जायसवाल और शशिभूषण सिंह की भूमिका सामने आई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इस फर्जीवाड़े के जरिए जमानत पाने वाले मामलों की भी जांच कर रही है। कार्रवाई के बाद पुलिस ने सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।