भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की खिलाड़ियों की चोटों और उनके रिहैब मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, IPL 2026 के बाद पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरने के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब किया था। दावा है कि BCCI ने इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
द टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच भारतीय टीम के 32 क्रिकेटरों ने CoE में रिहैब कराया। इनमें 20 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ी और 12 टार्गेटेड या इंडिया-A श्रेणी के क्रिकेटर शामिल थे।
ऋषभ पंत की चोट सबसे गंभीर, मांसपेशियों में खिंचाव के मामले ज्यादा
रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में चोटों के बीच ऋषभ पंत का मामला सबसे गंभीर रहा। जुलाई 2025 में इंग्लैंड के मैनचेस्टर में टेस्ट मैच के दौरान उनके पैर की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ था। इसके बाद उन्होंने रिकवरी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कराया। अन्य खिलाड़ियों में ज्यादातर सॉफ्ट-टिश्यू इंजरी और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याएं सामने आईं।
हार्दिक पांड्या, हर्षित राणा और नितीश रेड्डी भी चोटों से परेशान
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हार्दिक पांड्या, हर्षित राणा और नितीश कुमार रेड्डी ने पिछले 18 महीनों के दौरान कम से कम चार-चार महीने CoE में बिताए। इनके अलावा जसप्रीत बुमराह, वाशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा भी चोटों से जूझते रहे हैं।
30 सितंबर तक की सूची में विराट कोहली, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे के नाम भी शामिल बताए गए हैं। हालांकि, रिपोर्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के रिहैब के सटीक दौर की संख्या स्पष्ट नहीं की गई है।
IPL 2026 के बाद चोटों को लेकर बढ़ी चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, IPL 2026 के बाद भारतीय खिलाड़ियों की चोटों और रिहैब की जरूरत को लेकर चिंता बढ़ी है। BCCI की स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन (SSM) टीम ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच महिला और पुरुष खिलाड़ियों समेत कुल 68 क्रिकेटरों की चोटों का उपचार और प्रबंधन किया।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का बजट 35 करोड़ रुपये बढ़ा
BCCI ने CoE के लिए वित्त वर्ष 2026-27 का अनुमानित बजट बढ़ाकर 127 करोड़ रुपये कर दिया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 92 करोड़ रुपये था। यानी बजट में लगभग 35 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। इस खर्च में प्रशासनिक लागत, कोर्स और मैचों से संबंधित व्यय भी शामिल हैं।
मेडिकल प्रमुख का पद खाली, तालमेल पर भी सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, CoE में स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन प्रमुख का पद मार्च 2025 में नितिन पटेल के इस्तीफे के बाद से खाली है। BCCI ने इस पद के लिए नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू की थी।
रिपोर्ट में भारतीय टीम की मेडिकल इकाई और CoE की SSM टीम के बीच संवाद तथा समन्वय की कमी का भी उल्लेख किया गया है। खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट और चोटों की रोकथाम को लेकर बेहतर तालमेल की जरूरत बताई गई है।
बड़ा सवाल: भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बार-बार चोटें क्यों सामने आ रही हैं? क्या वर्कलोड मैनेजमेंट और मेडिकल टीमों के बीच बेहतर समन्वय से इस समस्या को कम किया जा सकता है? इन मुद्दों पर BCCI की व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज हो सकती है।