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कृषि विभाग के स्टॉल में हरियाली का खूबसूरत नजारा

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रायपुर, 3 नवंबर 2026/ नवा रायपुर में राज्योत्सव 2026 के तीन दिवसीय आयोजन में कृषि विभाग के स्टॉल में प्राकृतिक हरीतिमा की बहार चारो-तरफ फैली हुई है। वहीं खेती-किसानी, मत्स्य पालन, जल प्रबंधन, जैव विविधता का बेहतरीन प्रस्तुतीकरण देखते ही बनता है। खेती से जुड़े उत्पादों खासतौर पर बीज और खाद्य पदार्थों को लेकर लोगों में जबरजस्त उत्साह दिखाई दिया। कृषि से जुड़ी योजनाओं के साथ ही उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, कुक्कुटपालन और अन्य आजीविका मूलक गतिविधियों, प्राकृतिक अनुकूलता भूजल स्तर के संबंध में भी कृषि विभाग के स्टॉल में जानकारी दी जा रही है। परंपरागत धान की खेती के साथ वैकल्पिक एवं अधिक लाभकारी फसलों की ओर बढ़ने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को भी बखूबी रेखांकित किया गया है।

कृषि विभाग के स्टॉल में प्रवेश करते ही लोगों के चेहरों पर सुकून का एहसास साफतौर पर दिखाई देता है। शीतल वातावरण में चारो तरफ हरियाली ग्रामीण परिवेश का नजारा प्रस्तुत कर रही है। यहां पहुँच रहे लोग सब्जी-भाजी, फूल, पेड़-पौधों और खेती-किसानी से लेकर पशुधन विकास के कार्यों के संबंध में जानकारी लेते हुए दिखाई दिए। थोड़ा आगे बढ़ते ही एक छोटे से स्टाल में लोगों की भीड़ दिखाई देती है। यहां कामधेनु विश्वविद्यालय की रबड़ी के बारे में जानकारी लेते हुए लोग उसकी मिठास का भी लुत्फ उठा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बस्तर कैफे की सुगंध भी लोगों को आकर्षित करती है। खास बात यह है कि पूरे पंडाल में लोग अपनी-अपनी जरूरतों के हिसाब से शहद से लेकर अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदी भी कर रहे हैं। खेती-किसानी के नवीनतम कृषि यंत्रों के संबंध में जनमानस जानकारी ले रहे हैं। यहाँ बेलर, स्ट्रॉ चॉपर, कंबाइन हार्वेस्टर, पैडी ट्रांसप्लांटर, रीपर एवं अन्य कृषि यंत्र उपलब्ध थे। शासन द्वारा कृषि यंत्रों को खरीदने के लिए किसानों को दिए जाने वाले अनुदान के संबंध में भी बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित कर रही है। राज्य शासन की मंशा है कि किसान परंपरागत खेती के साथ स्थानीय जलवायु, मिट्टी और बाजार की मांग के अनुरूप लाभकारी फसलों को अपनाएं, जिससे कृषि उत्पादन में विविधता आने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो सके।

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