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नई कार या बाइक खरीदने से पहले जरूर जान लें ये 5 बातें, वरना डिस्काउंट के बाद भी जेब पर पड़ेगा भारी बोझ!

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फेस्टिव सीजन में कार और बाइक खरीदने वालों के लिए कंपनियां और डीलरशिप कई तरह के आकर्षक ऑफर्स और डिस्काउंट पेश कर रही हैं। कहीं हजारों रुपये की छूट मिल रही है तो कहीं फ्री एक्सेसरीज और आसान फाइनेंस की सुविधा दी जा रही है। लेकिन बड़ी छूट देखकर तुरंत गाड़ी खरीदने का फैसला करना नुकसानदायक भी हो सकता है।

दरअसल, कई बार डीलरशिप डिस्काउंट का लालच देकर इंश्योरेंस, एक्सेसरीज, फाइनेंस और दूसरे अतिरिक्त चार्ज के जरिए ग्राहकों का कुल खर्च बढ़ा देती हैं। ऐसे में नई कार या बाइक खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी समझदारी न सिर्फ आपका बजट बचा सकती है, बल्कि भविष्य की परेशानियों से भी दूर रख सकती है।

1. तीन डीलरशिप से जरूर लें ऑन-रोड कीमत का कोटेशन

नई कार या बाइक खरीदने से पहले केवल एक डीलरशिप पर निर्भर न रहें। एक ही मॉडल और वैरिएंट की कीमत कम से कम तीन अलग-अलग डीलरशिप से पता करें। सभी से लिखित ऑन-रोड प्राइस कोटेशन मांगें।

इसमें एक्स-शोरूम कीमत, रजिस्ट्रेशन फीस, इंश्योरेंस और अन्य सभी चार्ज का स्पष्ट विवरण होना चाहिए। इसके बाद अलग-अलग डीलर्स के ऑफर्स की तुलना करें।

कई बार एक डीलर ज्यादा डिस्काउंट देने का दावा करता है, लेकिन दूसरे शुल्क बढ़ाकर कुल कीमत अधिक कर देता है। इसलिए केवल छूट की रकम नहीं, बल्कि आखिर में आपको कितने पैसे चुकाने होंगे, इस पर ध्यान दें।

2. इंश्योरेंस और लोन लेने से पहले करें तुलना

नई गाड़ी खरीदते समय डीलरशिप से ही इंश्योरेंस लेना अनिवार्य नहीं है। ग्राहक अपनी पसंद की इंश्योरेंस कंपनी से भी पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके लिए अलग-अलग कंपनियों के प्रीमियम, कवरेज, क्लेम सेटलमेंट और ऐड-ऑन सुविधाओं की तुलना करें।

IRDAI के नियमों के तहत ग्राहक को अपनी पसंद के इंश्योरर या एजेंट से मोटर इंश्योरेंस लेने का विकल्प मिलता है।

इसी तरह, कार या बाइक लोन लेते समय केवल कम EMI देखकर फैसला न करें। बैंक और फाइनेंस कंपनियों की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, लोन की अवधि और कुल भुगतान की तुलना जरूर करें। कम EMI के चक्कर में लंबी अवधि का लोन लेने से आपको अंत में ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है।

3. गैरजरूरी एक्सेसरीज के नाम पर न बढ़ाएं बजट

नई गाड़ी खरीदने पर डीलरशिप अक्सर सीट कवर, फ्लोर मैट, मड फ्लैप, डोर वाइजर और अन्य एक्सेसरीज का पैकेज लेने की सलाह देती हैं।

इनमें से कई चीजें उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन हर एक्सेसरी खरीदना जरूरी नहीं है। इसलिए पैकेज लेने से पहले प्रत्येक सामान की अलग-अलग कीमत पूछें। अगर कोई चीज आपके काम की नहीं है तो उसे लेने से मना कर दें।

साथ ही, यह भी जांचें कि कौन-सी एक्सेसरीज कंपनी की ओर से मुफ्त दी जा रही हैं और किनके लिए अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इससे अनावश्यक खर्च से बचा जा सकता है।

4. गाड़ी की डिलीवरी लेने से पहले करें PDI

नई कार या बाइक की डिलीवरी लेते समय जल्दबाजी बिल्कुल न करें। कोशिश करें कि गाड़ी की डिलीवरी दिन की रोशनी में लें, ताकि उसकी बाहरी और अंदरूनी स्थिति अच्छी तरह जांच सकें।

डिलीवरी से पहले प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) जरूर करें। इसमें इन बातों पर विशेष ध्यान दें:

  • गाड़ी की बॉडी पर स्क्रैच, डेंट और पेंट की जांच करें।
  • टायर और उनकी मैन्युफैक्चरिंग डेट चेक करें।
  • हेडलाइट, इंडिकेटर और सभी लाइट्स की जांच करें।
  • शीशे, दरवाजे और अन्य बाहरी हिस्से देखें।
  • ओडोमीटर की रीडिंग चेक करें।
  • एसी, इंफोटेनमेंट सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स इस्तेमाल करके देखें।
  • इंजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच करें।

अगर गाड़ी में कोई कमी दिखाई देती है तो डिलीवरी स्वीकार करने से पहले डीलरशिप को इसकी जानकारी दें और समस्या का समाधान करवाएं।

5. सभी दस्तावेज और कंपनी के वादों की करें पुष्टि

गाड़ी की डिलीवरी लेते समय केवल चाबी और गाड़ी मिलना ही पर्याप्त नहीं है। सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

इनमें खरीदारी का फाइनल इनवॉइस, इंश्योरेंस पॉलिसी, वारंटी दस्तावेज, ओनर मैनुअल और अन्य जरूरी कागजात शामिल हैं।

इसके अलावा, डीलरशिप ने जिन फीचर्स, एक्सेसरीज या दूसरी सुविधाओं का वादा किया है, उनकी भी पुष्टि करें। कोशिश करें कि सभी वादे लिखित रूप में इनवॉइस या डिलीवरी चेकलिस्ट में दर्ज हों।

दस्तावेजों में गाड़ी का मॉडल, वैरिएंट और अन्य जानकारियों का मिलान भी जरूर करें। जब आप गाड़ी की स्थिति और कागजात से पूरी तरह संतुष्ट हों, तभी डिलीवरी स्वीकार करें।

नई गाड़ी खरीदते समय इन बातों का रखें खास ध्यान

फेस्टिव सीजन में मिलने वाले डिस्काउंट और ऑफर्स का फायदा उठाना अच्छी बात है, लेकिन जल्दबाजी में खरीदारी करना महंगा पड़ सकता है। इसलिए गाड़ी की कीमत से लेकर इंश्योरेंस, लोन, एक्सेसरीज और डिलीवरी तक हर चीज की अच्छी तरह जांच करें।

याद रखें, समझदारी से की गई खरीदारी ही आपको बेहतर गाड़ी के साथ-साथ हजारों रुपये की अनावश्यक बचत भी करा सकती है।

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