Car Care Tips: कार का इंजन किसी भी वाहन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। अगर इंजन सीज हो जाए, तो उसे ठीक कराने में हजारों रुपये से लेकर लाखों रुपये तक खर्च हो सकते हैं। कई बार वाहन मालिकों की छोटी-छोटी लापरवाहियां इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। इंजन ऑयल की कमी, ओवरहीटिंग और जलभराव वाली सड़कों पर सावधानी न बरतना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। अच्छी बात यह है कि नियमित सर्विसिंग और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर इंजन सीज होने के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 5 गलतियों के बारे में, जिनसे आपको बचना चाहिए।
1. इंजन ऑयल बदलने में देरी करना
इंजन ऑयल कार के अंदरूनी पुर्जों के बीच घर्षण कम करता है और उन्हें सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है। अगर इंजन ऑयल का स्तर कम हो जाए या लंबे समय तक इसे न बदला जाए, तो इंजन के पुर्जों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे अत्यधिक गर्मी पैदा होने और गंभीर नुकसान का खतरा रहता है। कुछ परिस्थितियों में इंजन सीज भी हो सकता है।
बचाव कैसे करें?
- नियमित रूप से इंजन ऑयल का स्तर जांचें।
- कार निर्माता की सलाह के अनुसार निर्धारित समय या किलोमीटर पर ऑयल बदलवाएं।
- वाहन के लिए निर्धारित ग्रेड का ही इंजन ऑयल इस्तेमाल करें।
- कार के नीचे ऑयल के रिसाव के निशान दिखाई देने पर तुरंत जांच करवाएं।
2. इंजन ओवरहीट होने पर भी कार चलाते रहना
इंजन को सुरक्षित तापमान पर बनाए रखने के लिए कूलिंग सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कूलेंट की कमी, पाइप में लीकेज, रेडिएटर में खराबी या कूलिंग सिस्टम की दूसरी समस्याओं के कारण इंजन का तापमान बढ़ सकता है। अगर ओवरहीटिंग के बावजूद कार चलाते रहें, तो इंजन के महत्वपूर्ण पुर्जों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
बचाव कैसे करें?
- नियमित रूप से कूलेंट का स्तर जांचें।
- डैशबोर्ड पर तापमान की चेतावनी मिलने पर उसे नजरअंदाज न करें।
- इंजन ओवरहीट होने पर सुरक्षित जगह रुककर इंजन बंद करें और सहायता लें।
- गर्म इंजन का रेडिएटर कैप न खोलें, क्योंकि गर्म कूलेंट या भाप से जलने का खतरा रहता है।
3. जलभराव वाली सड़क पर कार चलाना
बारिश के मौसम में जलभराव वाली सड़कों से गुजरना कार के इंजन के लिए खतरनाक हो सकता है। यदि पानी एयर इनटेक के रास्ते इंजन के सिलिंडर में पहुंच जाए, तो हाइड्रो-लॉकिंग की स्थिति बन सकती है। इस दौरान पिस्टन की सामान्य गति बाधित हो सकती है और इंजन के अंदरूनी पुर्जों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
बचाव कैसे करें?
- गहरे पानी में कार ले जाने से बचें।
- पानी की गहराई का अंदाजा न हो तो दूसरा सुरक्षित रास्ता चुनें।
- यदि पानी से गुजरते समय इंजन बंद हो जाए, तो दोबारा स्टार्ट करने के लिए सेल्फ न लगाएं।
- ऐसी स्थिति में वाहन को मैकेनिक से जांच करवाने के बाद ही स्टार्ट करें।
4. खराब या मिलावटी ईंधन का इस्तेमाल करना
कार में खराब या दूषित पेट्रोल-डीजल इस्तेमाल करने से फ्यूल फिल्टर, इंजेक्टर और फ्यूल सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं। इससे इंजन की परफॉर्मेंस घट सकती है, स्टार्ट करने में परेशानी हो सकती है और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है।
हालांकि, खराब ईंधन सीधे इंजन सीज होने की सामान्य वजह नहीं है, लेकिन इससे पैदा होने वाली समस्याएं वाहन के कामकाज को प्रभावित कर सकती हैं।
बचाव कैसे करें?
- भरोसेमंद पेट्रोल पंप से ही ईंधन भरवाएं।
- कार निर्माता द्वारा निर्धारित ईंधन का इस्तेमाल करें।
- इंजन में झटके, असामान्य आवाज या पावर कम होने जैसी समस्या दिखे तो जांच करवाएं।
5. कार की सर्विसिंग समय पर न करवाना
कार की नियमित सर्विसिंग इंजन की उम्र बढ़ाने और संभावित खराबियों का समय रहते पता लगाने में मदद करती है। सर्विस के दौरान इंजन ऑयल, कूलेंट, फिल्टर, पाइप, बेल्ट और अन्य जरूरी हिस्सों की जांच की जाती है। अगर लंबे समय तक सर्विस नहीं करवाई जाए, तो छोटी खराबी भी बड़ी समस्या बन सकती है।
बचाव कैसे करें?
- कंपनी के निर्धारित सर्विस शेड्यूल का पालन करें।
- इंजन ऑयल और फिल्टर समय पर बदलवाएं।
- कूलेंट और अन्य जरूरी तरल पदार्थों का स्तर जांचें।
- इंजन से खटखट की आवाज आने या ऑयल प्रेशर की चेतावनी मिलने पर तुरंत जांच करवाएं।
इंजन को सीज होने से बचाने के लिए इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
कार चलाते समय कुछ संकेत इंजन में गंभीर खराबी की ओर इशारा कर सकते हैं। इनमें ऑयल प्रेशर की चेतावनी, इंजन का अत्यधिक गर्म होना, तेज खटखट की आवाज और इंजन से ऑयल का रिसाव शामिल हैं।
ऐसी स्थिति में गाड़ी चलाते रहने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रुकें और जरूरत पड़ने पर मैकेनिक की सहायता लें। खासकर ऑयल प्रेशर की लाल चेतावनी या गंभीर ओवरहीटिंग होने पर इंजन बंद कर देना चाहिए।
निष्कर्ष: कार का इंजन सीज होने पर मरम्मत का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है। इंजन ऑयल की नियमित जांच, समय पर सर्विसिंग, सही कूलेंट का इस्तेमाल और जलभराव वाली सड़कों पर सावधानी बरतकर इस जोखिम को कम किया जा सकता है। छोटी-छोटी सावधानियां आपकी कार को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखने में मदद कर सकती हैं।