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CGPSC 2025 इंटरव्यू स्थगित: 20 सितंबर से शुरू होने वाली प्रक्रिया टली, नई तारीख बाद में होगी जारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा-2025 के तहत 20 सितंबर से शुरू होने वाली दस्तावेज सत्यापन सह साक्षात्कार प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। आयोग ने इसके पीछे अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया है। इंटरव्यू की नई तारीख की घोषणा बाद में अलग से की जाएगी।

पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार 20 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक आयोजित किया जाना था। अब इस पूरी प्रक्रिया को फिलहाल आगे बढ़ा दिया गया है।

CGPSC मेन्स रिजल्ट के बाद बढ़ा विवाद

छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न 20 विभागों में राज्य सेवा परीक्षा-2025 के माध्यम से कुल 265 पदों पर भर्ती की जानी है। इसके लिए प्रारंभिक परीक्षा फरवरी 2025 में आयोजित हुई थी, जबकि मुख्य परीक्षा जून में हुई। मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर इंटरव्यू के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची 31 अगस्त को जारी की गई थी।

मुख्य परीक्षा का परिणाम सामने आने के बाद से ही परीक्षा प्रक्रिया और मूल्यांकन को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसी बीच आयोग ने साक्षात्कार प्रक्रिया स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया है।

उत्तरपुस्तिकाएं सार्वजनिक करने की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साक्षात्कार से पहले सभी अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों को अपनी कॉपियां देखने और स्वयं मूल्यांकन की जांच करने का अवसर मिलना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने विवाद पूरी तरह स्पष्ट होने तक CGPSC 2025 के इंटरव्यू को स्थगित करने की मांग भी की थी।

कॉपियों के मूल्यांकन पर उठे सवाल

भूपेश बघेल ने मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि कुछ अभ्यर्थियों को सही उत्तर लिखने के बावजूद कम अंक मिले, जबकि गलत उत्तरों पर अधिक अंक दिए गए।

उन्होंने दावा किया कि पांच अलग-अलग पेपरों में सही और गलत उत्तरों के लिए समान अंक दिए जाने जैसी कथित अनियमितताएं सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों पर आयोग की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आना अभी बाकी है।

795 की जगह 608 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चयनित

CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2025 में कुल 265 पदों के लिए सामान्य नियम के अनुसार 1:3 के अनुपात में 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना था। लेकिन मुख्य परीक्षा के बाद केवल 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए पात्र पाए गए।

आयोग का कहना है कि निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या पर्याप्त नहीं थी। इसी वजह से निर्धारित अनुपात से कम अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चयनित किया गया।

भूपेश बघेल ने इसी मुद्दे पर आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब 265 पदों के लिए 795 अभ्यर्थियों को बुलाया जाना था, तो इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी न्यूनतम अंक हासिल करने में असफल क्यों रहे।

अब अभ्यर्थियों की नजर आयोग की अगली अधिसूचना पर है, जिसमें साक्षात्कार की नई तारीख और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

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