Raipur Cyber Crime: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। खम्हारडीह इलाके में एक कारोबारी के मोबाइल पर WhatsApp के जरिए APK फाइल आई। फाइल डाउनलोड होने के बाद उनके बैंकिंग माध्यमों से 4 लाख 15 हजार 529 रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
WhatsApp पर आई थी APK फाइल
मामला लाभांडी स्थित रहेजा रेजीडेंसी निवासी कारोबारी तनुज अग्रवाल का है। पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, 12 सितंबर को उनके WhatsApp नंबर पर एक APK फाइल आई थी। मोबाइल में ऑटो डाउनलोड फीचर ऑन होने के कारण फाइल अपने आप डाउनलोड हो गई।
इसके बाद उनके बैंकिंग माध्यमों से रकम निकलने लगी। कारोबारी का मोबाइल नंबर बैंक ऑफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड और यूनियन बैंक के करंट अकाउंट से लिंक था।
दो बैंकिंग माध्यमों से निकाले गए पैसे
शिकायत के अनुसार, ठगी में कुल 4,15,529.92 रुपए की रकम चली गई।
- बैंक ऑफ इंडिया क्रेडिट कार्ड से: ₹69,998.97
- यूनियन बैंक करंट अकाउंट से UPI के जरिए: ₹3,45,530.95
- कुल रकम: ₹4,15,529.92
साइबर पोर्टल पर शिकायत, फिर FIR
रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद कारोबारी ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। 17 सितंबर को खम्हारडीह थाने में लिखित शिकायत दी गई। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच के बाद धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज किया है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि APK फाइल किस नंबर से भेजी गई थी, रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और ठगी में किन लोगों की भूमिका है। बैंकिंग ट्रांजैक्शन और साइबर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
APK फाइल से कैसे बचें?
- WhatsApp पर आई अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध ऐप को परमिशन न दें।
- बैंकिंग ऐप, UPI और क्रेडिट कार्ड से जुड़े अलर्ट पर नजर रखें।
- ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचित करें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
- अपनी शिकायत https://cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराएं।
निष्कर्ष: WhatsApp पर आई एक संदिग्ध फाइल से कारोबारी को लाखों रुपए का नुकसान हो गया। साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान APK फाइलों से सावधान रहना बेहद जरूरी है।