रायगढ़ जिले में चक्रवात अर्नब के कारण खेतों में लगी धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। इसे देखते हुए कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया।
अधिकारियों के दल ने ग्राम धनागर और बनसिया पहुंचकर खेतों में फसल क्षति का आकलन किया। साथ ही प्रभावित किसानों से चर्चा कर उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों की जानकारी दी।
अधिकारियों ने किसानों को बताया कि चक्रवात, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि जैसी स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने पर घटना के 72 घंटे के भीतर संबंधित बीमा कंपनी को सूचना देना अनिवार्य है। सूचना में नुकसान की मात्रा और कारण बताना होगा।
किसान बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344, हेल्पलाइन नंबर 14447 या पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय कृषि और राजस्व अधिकारियों के साथ संबंधित बैंक को भी सूचना दी जा सकती है।
खेत में रखी फसल को नुकसान पर भी मिलेगा मुआवजा
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए फैलाकर रखी गई या बंडलों में रखी गई अधिसूचित फसल को चक्रवात या बेमौसम बारिश से नुकसान पहुंचने पर भी नियमानुसार बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति मिलेगी।
10 दिनों के भीतर पूरा होगा नुकसान का आकलन
अधिकारियों के मुताबिक, क्षति की सूचना मिलने के बाद बीमा कंपनी 48 घंटे के भीतर क्षति निर्धारकों की प्रक्रिया पूरी करेगी। इसके बाद 10 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया होने के 15 दिनों के भीतर नियमानुसार क्षतिपूर्ति की राशि किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
बीमा कंपनी को समय पर सर्वे पूरा करने के निर्देश
प्रभारी उप संचालक कृषि हरीश राठौर ने बीमा कंपनी के जिला समन्वयक को निर्देश दिए कि किसानों से मिली फसल क्षति की सूचनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई करें। निर्धारित समय-सीमा में सर्वे और नुकसान का आकलन पूरा करें, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके।
उन्होंने जिले के किसानों से भी अपील की कि वे फसल को हुए नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर संबंधित बीमा कंपनी को जरूर दें।