Meta Pixel

छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को तराशने पर जोर, ₹100 करोड़ के मिशन से गांवों तक पहुंचेगी खेल सुविधाएं

Spread the love

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने अपना फोकस बढ़ाया है। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत प्रतिभा खोज से लेकर प्रशिक्षण, खेल अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी तक एक व्यापक व्यवस्था विकसित करने की योजना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस मिशन के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

प्रतिभा खोज से लेकर प्रशिक्षण तक फोकस

सरकार की योजना केवल खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने तक सीमित नहीं है। ग्रामीण स्तर पर उभर रहे खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की तलाश, आधुनिक खेल अधोसंरचना, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी को प्रमुख लक्ष्य बनाया गया है। महिला खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाना भी मिशन के उद्देश्यों में शामिल है।

बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से गांवों की प्रतिभाओं को मंच

दूरस्थ इलाकों के युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों पर भी जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक बस्तर ओलंपिक में करीब 3.91 लाख युवाओं ने हिस्सा लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में भी बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं की भागीदारी रही।

इन आयोजनों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अनुभव देना और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे की ट्रेनिंग के लिए पहचानना है।

खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए ₹57 करोड़

खेल प्रतिभाओं को आर्थिक सहयोग देने के लिए छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹57 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार पर भी निवेश किया जा रहा है।

156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता

राज्य सरकार ने वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए 20 खेल विधाओं के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को मंजूरी दी है। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के जरिए नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले राज्य में 182 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया जा चुका है।

सरकार की ओर से चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर दिए जाने की बात कही गई है।

तीरंदाजी अकादमियों और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर जोर

खेल अधोसंरचना के विस्तार के तहत नवा रायपुर और जशपुर में तीरंदाजी अकादमियों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं पर करीब ₹67 करोड़ खर्च होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा प्रदेश में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है।

सरकार ने बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में भी तैयारी शुरू की है। सितंबर 2026 में छत्तीसगढ़ ने 2028 के 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।

खेल पुरस्कारों से खिलाड़ियों का सम्मान

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रायपुर में राज्य खेल अलंकरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। रिपोर्ट के अनुसार समारोह में 666 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को कुल ₹1.74 करोड़ से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित की गई।

नए जिलों में खेल अधिकारियों की नियुक्ति

खेल प्रशासन को जिला स्तर तक मजबूत करने के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती में खेल अधिकारी के पद सृजित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

कुल मिलाकर राज्य सरकार की खेल नीति में प्रतिभा खोज, प्रशिक्षण, आर्थिक प्रोत्साहन, आधुनिक अधोसंरचना और प्रतियोगी अवसर को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दे रहा है। इसका लक्ष्य प्रदेश के ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बड़े खेल मंचों तक पहुंचाने के लिए आधार तैयार करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *