IND vs NZ T20: न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 191 रन का लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। लेकिन मैच से पहले ही भारतीय टीम के चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। इसकी वजह थे 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्हें एक बार फिर प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली।
सीरीज में पहले ही बढ़त बना चुकी भारतीय टीम से उम्मीद की जा रही थी कि आखिरी मुकाबले में युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा। हालांकि, टीम मैनेजमेंट ने अपने नियमित बल्लेबाजी क्रम पर भरोसा बनाए रखा। वैभव को मौका नहीं मिलने पर सवाल उठे, तो मुख्य कोच गौतम गंभीर ने चयन नीति को लेकर अपनी बात रखी।
‘सबको खुश करना मेरा काम नहीं’
मैच से पहले ब्रॉडकास्टर से बातचीत के दौरान गौतम गंभीर ने कहा कि टीम चयन का उद्देश्य लोकप्रिय फैसले लेना नहीं, बल्कि टीम के हित में सही निर्णय करना है।
गंभीर के मुताबिक, उनका काम सभी को खुश करना नहीं है। वह ऐसे फैसले लेने के लिए टीम के साथ हैं, जो टीम के लिए जरूरी हों, भले ही वे हर किसी को पसंद न आएं।
उनके इस बयान को वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किए जाने पर उठ रहे सवालों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों का भरोसा जरूरी
गौतम गंभीर ने टीम के अंदर के माहौल और खिलाड़ियों के भरोसे को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि बाहर बैठकर या सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं के आधार पर फैसले लेना आसान है, लेकिन ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों को भरोसा और सुरक्षा का एहसास कराना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
उनका मानना है कि चयन करते समय सिर्फ किसी एक खिलाड़ी को मौका देने के बजाय पूरी टीम के संतुलन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखना चाहिए।
लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
टीम इंडिया में युवा प्रतिभाओं की मौजूदगी पर गंभीर ने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। हालांकि, जिन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, वे भी टीम में पर्याप्त अवसर पाने के हकदार हैं।
गंभीर के इस रुख से साफ है कि टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों के चयन में केवल हालिया प्रदर्शन या लोकप्रियता के बजाय उनके निरंतर प्रदर्शन और टीम में उनकी भूमिका को भी महत्व देना चाहता है।
वैभव सूर्यवंशी को मिले थे सिर्फ दो मौके
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में सीमित अवसर मिले। उन्हें टीम में जगह तब मिली, जब ईशान किशन ग्रोइन इंजरी के कारण उपलब्ध नहीं थे।
वैभव को शुरुआती दो अवसरों में से एक में निराशा हाथ लगी, लेकिन तीसरे टी20 मुकाबले में उन्होंने 45 रन की आक्रामक पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस दौरान अभिषेक शर्मा के साथ उनकी साझेदारी ने भी सबका ध्यान खींचा।
हालांकि, ईशान किशन की वापसी के बाद वैभव को फिर प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा। पांचवें मुकाबले में भी टीम मैनेजमेंट ने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव नहीं किया।
आखिरी मैच में हार, लेकिन चयन पर बहस जारी
पांचवें टी20 मुकाबले में भारत ने गेंदबाजी विभाग में बदलाव किए, लेकिन बल्लेबाजी संयोजन को बरकरार रखा। इसके बावजूद न्यूजीलैंड ने 191 रन का लक्ष्य 18 ओवर में हासिल कर लिया।
अब वैभव सूर्यवंशी को लगातार मौके नहीं मिलने और गौतम गंभीर के बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर युवा खिलाड़ी को अवसर देने की मांग उठ रही है, तो दूसरी ओर टीम मैनेजमेंट अनुभवी और नियमित खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखने की बात कर रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में अगला मौका कब मिलेगा और क्या वह अपनी प्रतिभा के दम पर प्लेइंग इलेवन में स्थायी जगह बना पाएंगे?