सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई है। 22 अक्टूबर को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर 953 रुपये गिरकर करीब 1.43 लाख रुपये रह गया। वहीं, चांदी की कीमत में प्रति किलो 8,002 रुपये की कमी आई और इसका भाव लगभग 2.01 लाख रुपये पर पहुंच गया।
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन कारोबारी दिनों में सोना करीब 3,200 रुपये और चांदी लगभग 10,000 रुपये सस्ती हुई है। लगातार गिरावट से उन लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है, जो शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने या निवेश के उद्देश्य से सोना-चांदी लेने की योजना बना रहे हैं।
ध्यान दें: ये IBJA के बताए गए बाजार भाव हैं। ज्वेलरी खरीदते समय शहर, दुकान, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और टैक्स के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
सितंबर में भी गिरे थे सोने-चांदी के दाम
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में भी दोनों कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। 31 अगस्त को सोना करीब 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 30 सितंबर तक घटकर लगभग 1.48 लाख रुपये रह गया। इसी दौरान चांदी का भाव 2.37 लाख रुपये प्रति किलो से घटकर करीब 2.22 लाख रुपये पर आ गया।
हालिया गिरावट के बीच निवेशकों और खरीदारों की नजर इस बात पर है कि क्या कीमतों में कमजोरी आगे भी जारी रहेगी या बाजार दोबारा तेजी पकड़ेगा।
सोने-चांदी की कीमतों में आगे क्या होगा?
कीमतों में आगे तेजी आएगी या गिरावट जारी रहेगी, यह कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगा। बाजार विशेषज्ञों के हवाले से सामने आए विश्लेषण में कुछ प्रमुख कारण बताए गए हैं:
- डॉलर और रुपये की चाल: डॉलर की मजबूती या कमजोरी तथा रुपये के विनिमय मूल्य में बदलाव का असर घरेलू सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय तनाव: युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की सुरक्षित निवेश के रूप में मांग बढ़ सकती है।
- ब्याज दरों का असर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें सोने की कीमतों को प्रभावित करती हैं।
- निवेशकों की खरीदारी: बाजार में मांग और बिकवाली के आधार पर कीमतों में तेजी या गिरावट जारी रह सकती है।
फिलहाल केवल तीन दिन की गिरावट के आधार पर यह कहना मुश्किल है कि सोना-चांदी लंबे समय तक सस्ते बने रहेंगे। निवेश करने से पहले बाजार के रुझान और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना जरूरी है।
ज्वेलरी खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. BIS हॉलमार्क जरूर जांचें
सोने के गहने खरीदते समय BIS हॉलमार्क और शुद्धता से जुड़ी जानकारी देखें। हॉलमार्क की प्रामाणिकता की पुष्टि करें और बिल में कैरेट, वजन तथा अन्य शुल्क का विवरण जरूर लें।
2. खरीदने से पहले भाव की तुलना करें
खरीदारी के दिन IBJA के बाजार भाव और स्थानीय ज्वेलर के रेट की तुलना करें। ध्यान रखें कि 24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव अलग-अलग होते हैं। गहनों की अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी शामिल हो सकते हैं।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
चांदी की शुद्धता जांचने के लिए कुछ घरेलू तरीके बताए जाते हैं, लेकिन केवल इनके आधार पर चांदी के असली या नकली होने का फैसला नहीं करना चाहिए।
- मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी आमतौर पर चुंबक से आकर्षित नहीं होती, लेकिन यह जांच अकेले प्रामाणिकता साबित नहीं करती।
- आइस टेस्ट: चांदी की ऊष्मा चालकता अधिक होने के कारण उस पर बर्फ तेजी से पिघल सकती है। फिर भी यह निर्णायक जांच नहीं है।
- गंध की जांच: गंध से चांदी की शुद्धता प्रमाणित नहीं की जा सकती।
- कपड़े से रगड़ना: चांदी पर काले निशान आना ऑक्सीकरण या अन्य सतही प्रतिक्रिया के कारण हो सकता है; यह भी शुद्धता का पक्का प्रमाण नहीं है।
सबसे भरोसेमंद तरीका है कि चांदी की शुद्धता किसी विश्वसनीय जौहरी या मान्यताप्राप्त जांच केंद्र से प्रमाणित कराएं।
निष्कर्ष: सोने-चांदी के भाव में आई गिरावट खरीदारों के लिए राहत दे सकती है, लेकिन आगे की दिशा निश्चित नहीं है। खरीदारी से पहले ताजा भाव, शुद्धता और कुल लागत की जांच जरूर करें।