Gold Silver Rate Today: दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। 26 अक्टूबर को सोने और चांदी, दोनों के भाव में कमी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 628 रुपये गिरकर 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गई। वहीं, चांदी का भाव 2,442 रुपये कम होकर करीब 1.92 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। अक्टूबर में अब तक सोना करीब 7,000 रुपये और चांदी लगभग 20,000 रुपये सस्ती हो चुकी है।
सोना-चांदी कितना सस्ता हुआ?
IBJA के अनुसार, 26 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
- सोना: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 628 रुपये घटकर करीब 1.41 लाख रुपये रह गया।
- चांदी: एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2,442 रुपये कम होकर करीब 1.92 लाख रुपये पर आ गई।
- अक्टूबर में गिरावट: महीने के दौरान सोना करीब 7,000 रुपये और चांदी लगभग 20,000 रुपये सस्ती हुई।
ध्यान रखें कि ये IBJA के बताए गए भाव हैं। ज्वेलरी खरीदते समय शहर, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
सितंबर में भी गिरे थे सोने-चांदी के दाम
सोने और चांदी की कीमतों में सितंबर के दौरान भी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त को सोने का भाव करीब 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 30 सितंबर तक घटकर लगभग 1.48 लाख रुपये रह गया। इस तरह सितंबर में सोना करीब 8,000 रुपये सस्ता हुआ।
इसी अवधि में चांदी की कीमत भी 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर करीब 2.22 लाख रुपये पर आ गई। यानी सितंबर में चांदी लगभग 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई।
क्या आगे भी गिरेंगे सोने-चांदी के भाव?
सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इनके भाव पर वैश्विक आर्थिक हालात, ब्याज दरों, डॉलर की चाल और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।
बाजार से जुड़े अनुमानों के मुताबिक, आर्थिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने पर सोने की सुरक्षित निवेश के रूप में मांग बढ़ सकती है। दूसरी ओर, ब्याज दरों और डॉलर में बदलाव की वजह से कीमतों पर दबाव भी बन सकता है।
इसलिए यह निश्चित रूप से कहना मुश्किल है कि सोने-चांदी के दामों में गिरावट आगे भी जारी रहेगी या कीमतें फिर बढ़ने लगेंगी।
सोना-चांदी खरीदने वालों को क्या करना चाहिए?
कमोडिटी विशेषज्ञ अजय केडिया के हवाले से दी गई सलाह के अनुसार, निवेशकों को सोने-चांदी में एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने पर विचार करना चाहिए।
इस रणनीति के तहत निवेशक अपनी योजना और बजट के अनुसार कुछ खरीदारी अभी कर सकते हैं और बाकी रकम को अगले 15 से 20 दिनों के अंतराल पर निवेश कर सकते हैं।
निवेश का फैसला लेते समय एक-दो महीने के उतार-चढ़ाव के बजाय छह महीने से एक साल तक की अवधि पर विचार करने की सलाह दी गई है। हालांकि, निवेश में जोखिम बना रहता है और कीमतें घटने की भी संभावना होती है। इसलिए खरीदारी से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करें।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
1. BIS हॉलमार्क वाला सोना खरीदें
सोने के आभूषण खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना जरूरी है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के हॉलमार्क और लागू हॉलमार्किंग नियमों के अनुरूप आभूषण खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता से जुड़ी जानकारी मिलती है।
सिर्फ किसी पहचान चिह्न को देखकर सोने की शुद्धता का फैसला न करें। बिल पर आभूषण का वजन, शुद्धता और कीमत जैसी जानकारी भी जरूर जांचें।
2. सोने का भाव और वजन जांचें
खरीदारी से पहले सोने का ताजा भाव अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है।
इसके अलावा, आभूषण का सही वजन, मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी बिल में देखें। इससे आपको अंतिम कीमत समझने और अलग-अलग दुकानों के भाव की तुलना करने में मदद मिलेगी।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना भी जरूरी है। कुछ सामान्य जांच के तरीके इस प्रकार हैं:
- मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी सामान्य चुंबक से आकर्षित नहीं होती। हालांकि, केवल इस परीक्षण के आधार पर चांदी के असली या नकली होने का फैसला नहीं किया जा सकता।
- आइस टेस्ट: चांदी ऊष्मा की अच्छी संवाहक होती है, इसलिए उसके संपर्क में बर्फ तेजी से पिघल सकती है। लेकिन यह भी शुद्धता का निर्णायक प्रमाण नहीं है।
- गंध की जांच: गंध के आधार पर चांदी की शुद्धता की विश्वसनीय पुष्टि नहीं की जा सकती।
- कपड़े से रगड़ने का परीक्षण: चांदी पर काले निशान या धूमिल परत दिखाई दे सकती है, लेकिन ऐसा होना या न होना अपने आप में उसकी शुद्धता का प्रमाण नहीं है।
सबसे बेहतर तरीका: चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता का प्रमाण, हॉलमार्किंग की उपलब्धता और विक्रेता से मिला बिल जांचें। जरूरत पड़ने पर विश्वसनीय ज्वेलर या प्रमाणित जांच केंद्र से शुद्धता की पुष्टि कराएं।
निष्कर्ष
दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट से खरीदारी करने वालों को राहत मिल सकती है। हालांकि, बाजार में आगे की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
सोना-चांदी खरीदने से पहले ताजा भाव, शुद्धता, वजन और अतिरिक्त शुल्क की जांच जरूर करें। वहीं, निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को बाजार के जोखिम को समझकर ही फैसला लेना चाहिए।