सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार यानी 16 सितंबर 2026 को तेजी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर 992 रुपये बढ़कर करीब 1,51,894 रुपये पहुंच गया है।
वहीं, चांदी की कीमत में भी उछाल आया है। एक किलो चांदी 2,418 रुपये महंगी होकर करीब 2,31,159 रुपये पर पहुंच गई है।
इससे पहले मंगलवार को सोने और चांदी दोनों के दाम में गिरावट दर्ज की गई थी। सोना 1,036 रुपये सस्ता हुआ था, जबकि चांदी की कीमत में 179 रुपये की कमी आई थी।
कैरेट के हिसाब से सोने के भाव
| कैरेट | कीमत प्रति 10 ग्राम |
|---|---|
| 24 कैरेट | ₹1,51,894 |
| 22 कैरेट | ₹1,39,135 |
| 18 कैरेट | ₹1,13,921 |
| 14 कैरेट | ₹88,858 |
बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव
| शहर | कीमत प्रति 10 ग्राम |
|---|---|
| दिल्ली | ₹1,53,590 |
| मुंबई | ₹1,53,440 |
| कोलकाता | ₹1,53,440 |
| जयपुर | ₹1,53,590 |
| भोपाल | ₹1,53,490 |
| पटना | ₹1,53,490 |
| लखनऊ | ₹1,53,590 |
| रायपुर | ₹1,53,440 |
| अहमदाबाद | ₹1,53,490 |
सोर्स: Goodreturns, 16 सितंबर 2026
इस साल सोने की कीमत में करीब 19 हजार रुपये का इजाफा
साल 2026 में सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव 1,33,195 रुपये था, जो अब बढ़कर 1,51,894 रुपये हो गया है। यानी इस दौरान सोना करीब 18,699 रुपये महंगा हुआ है।
चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2,30,420 रुपये प्रति किलो थी। 16 सितंबर को यह करीब 2,31,159 रुपये पर पहुंच गई।
इस साल 29 जनवरी को सोने ने करीब 1.76 लाख रुपये और चांदी ने करीब 3.86 लाख रुपये का उच्चतम स्तर छुआ था।
2026 में सोने-चांदी की कीमतों का उतार-चढ़ाव
| तारीख | सोना प्रति 10 ग्राम | चांदी प्रति किलो |
|---|---|---|
| 31 दिसंबर 2025 | ₹1,33,195 | ₹2,30,420 |
| 31 जनवरी 2026 | ₹1,65,795 | ₹3,39,350 |
| 28 फरवरी 2026 | ₹1,50,997 | ₹2,66,700 |
| 31 मार्च 2026 | ₹1,46,733 | ₹2,30,135 |
| 30 अप्रैल 2026 | ₹1,50,263 | ₹2,40,331 |
| 31 मई 2026 | ₹1,56,463 | ₹2,63,350 |
| 30 जून 2026 | ₹1,41,286 | ₹2,25,425 |
| 31 जुलाई 2026 | ₹1,42,860 | ₹2,18,295 |
| 31 अगस्त 2026 | ₹1,55,835 | ₹2,37,199 |
| 16 सितंबर 2026 | ₹1,51,894 | ₹2,31,159 |
नोट: सोने की कीमत 10 ग्राम और चांदी की कीमत एक किलो के हिसाब से है। अलग-अलग शहरों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क के कारण ज्वेलरी की अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
आगे भी जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों पर कई अंतरराष्ट्रीय कारकों का असर पड़ सकता है। इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े फैसले, डॉलर की चाल, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता शामिल हैं।
- ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता रहने पर कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
- वैश्विक तनाव बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर समर्थन मिल सकता है।
- निवेशकों को अचानक तेजी या गिरावट के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।
- किसी भी निवेश से पहले बाजार की स्थिति और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।
सोना खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
1. हॉलमार्क वाला सोना खरीदें
हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है।
2. कीमत की जांच करें
सोना खरीदने से पहले IBJA, ज्वेलर और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से कीमत क्रॉस चेक करें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव अलग-अलग होते हैं।
3. मेकिंग चार्ज जरूर पूछें
गहने की कीमत में मेकिंग चार्ज भी शामिल होता है। यह हर ज्वेलर के यहां अलग हो सकता है। खरीदारी से पहले मेकिंग चार्ज और लेबर कॉस्ट का पूरा ब्रेकअप मांगें। जरूरत पड़ने पर इस पर बातचीत भी की जा सकती है।