देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक मजबूत मौसमी तंत्र बनने के कारण उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के लगभग 18 राज्यों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
इन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों-असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। तटीय और दक्षिणी राज्यों के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की स्थिति पैदा हो सकती है। वहीं मैदानी इलाकों में निचले स्थानों पर जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है।
मौसम विभाग की एडवाइजरी और सुरक्षा के उपाय
मौसम विभाग ने पर्यटकों और यात्रियों से अपील की है कि वे पहाड़ी इलाकों की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और मौसम अपडेट देखने के बाद ही घर से बाहर निकलें। किसानों को फसलों में अतिरिक्त पानी की निकासी का प्रबंध करने और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांधने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने का परामर्श दिया गया है।