India vs Japan: भारत ने जापान के खिलाफ ऐतिहासिक बारिश से प्रभावित टी20 मुकाबला 2 रन से जीत लिया, लेकिन मैच के आखिरी पलों में बदले गए एक वाइड फैसले ने विवाद खड़ा कर दिया। पांच ओवर के इस मुकाबले में भारत ने 32 रन बनाए, जबकि जापान की टीम 30 रन तक ही पहुंच सकी।
आखिरी ओवर में बदला वाइड का फैसला
जापान की पारी के अंतिम ओवर में अक्षर पटेल गेंदबाजी कर रहे थे। एक गेंद को मैदानी अंपायर क्रिस थर्गेट ने पहले वाइड करार दिया। इस फैसले पर अक्षर पटेल और विकेटकीपर संजू सैमसन ने आपत्ति जताई।
इसके बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर स्क्वायर-लेग अंपायर क्रिस ब्राउन से बातचीत करते दिखाई दिए। दोनों अंपायरों ने आपस में चर्चा की और कुछ समय बाद वाइड का फैसला वापस लेते हुए गेंद को वैध डिलीवरी माना गया।
DRS और थर्ड अंपायर नहीं था मौजूद
इस फैसले ने इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींचा क्योंकि मुकाबले में DRS और टीवी अंपायर की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में मैदान पर मौजूद दोनों अंपायरों को आपसी चर्चा के बाद फैसला करना पड़ा।
इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि क्या भारतीय कप्तान की बातचीत के बाद फैसला बदला गया। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने अय्यर के व्यवहार को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणियां भी कीं।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि अंतिम फैसला अंपायरों की आपसी चर्चा के बाद लिया गया था। नियमों के तहत अंपायर किसी निर्णय को समय रहते बदल सकते हैं, और वाइड तय करते समय बल्लेबाज की स्थिति तथा उसके मूवमेंट को भी ध्यान में रखा जाता है।
क्या था पूरा विवाद?
जापान को आखिरी ओवर में लक्ष्य हासिल करने के लिए कुछ रन चाहिए थे। ऐसे में एक अतिरिक्त वाइड रन भी मुकाबले का रुख बदल सकता था। शुरुआती वाइड कॉल वापस लिए जाने के बाद जापान को अपेक्षित अतिरिक्त रन नहीं मिला और भारत ने अंततः 2 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यही वजह है कि मैच खत्म होने के बाद चर्चा सिर्फ भारत की जीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि वाइड के फैसले को बदलने की प्रक्रिया और अंपायरिंग प्रोटोकॉल भी बहस का विषय बन गए।
भारत-जापान का ऐतिहासिक मुकाबला
यह दोनों टीमों के बीच पुरुषों का पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबला था। बारिश के कारण मैच को पांच-पांच ओवर का कर दिया गया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 32/4 का स्कोर बनाया और जापान को 30/3 पर रोककर मुकाबला जीत लिया।
इस तरह भारत ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत तो दर्ज कर ली, लेकिन आखिरी ओवर का अंपायरिंग फैसला मैच का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला क्षण बन गया।