भारतीय रेल ने अगस्त 2026 में यात्री सेवाओं और माल ढुलाई, दोनों क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। अगस्त 2025 की तुलना में इस साल रेलवे की माल ढुलाई 5.4 प्रतिशत बढ़कर 137.9 मिलियन टन पहुंच गई। इसके साथ ही यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
रेलवे ने अगस्त महीने में 14 अमृत भारत ट्रेनों को नियमित सेवा में शामिल किया। इसके अलावा माल परिवहन को बेहतर बनाने के लिए पांच नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल भी शुरू किए गए।
माल ढुलाई बढ़कर 137.9 मिलियन टन हुई
भारतीय रेल ने अगस्त 2025 में 130.9 मिलियन टन माल का परिवहन किया था। अगस्त 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 137.9 मिलियन टन हो गया। इस तरह सालाना आधार पर माल ढुलाई में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
माल ढुलाई से होने वाली कमाई में भी बढ़ोतरी हुई है। अगस्त 2025 के मुकाबले अगस्त 2026 में रेलवे के माल ढुलाई राजस्व में 6.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रमुख वस्तुओं के परिवहन में भी तेजी देखने को मिली। लौह अयस्क की ढुलाई 12.1 प्रतिशत, क्लिंकर 10.4 प्रतिशत, घरेलू कंटेनर 9.2 प्रतिशत और कोयले की ढुलाई 6 प्रतिशत बढ़ी। इसके अलावा तैयार इस्पात में 4.9 प्रतिशत, खनिज तेल में 3.1 प्रतिशत और उर्वरक की ढुलाई में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
पांच नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू
माल ढुलाई की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए अगस्त 2026 में पांच नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल यानी GCT शुरू किए गए। इसके साथ ही 31 अगस्त 2026 तक देश में शुरू किए जा चुके गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों की कुल संख्या 149 हो गई है।
नए टर्मिनल गुजरात के शिवलखा, तमिलनाडु के नल्ली, उत्तर प्रदेश के शक्तिनगर, मध्य प्रदेश के देवराग्राम और ओडिशा के ब्रजराजनगर में शुरू हुए हैं।
इन टर्मिनलों के जरिए उत्पादन और खपत केंद्रों के नजदीक माल की लोडिंग-अनलोडिंग और हैंडलिंग की सुविधा बेहतर होगी। इससे लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक तेज, सुगम और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
14 अमृत भारत ट्रेनें नियमित सेवा में शामिल
यात्रियों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए रेलवे ने अगस्त में 14 अमृत भारत सेवाओं को विशेष ट्रेन से नियमित सेवा में बदल दिया। इसके बाद देश में अमृत भारत सेवाओं की कुल संख्या 86 हो गई है।
इनमें सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस, गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस, गोरखपुर-दिल्ली जंक्शन, अहमदाबाद-भागलपुर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज-उधना और धनबाद-कोयंबटूर जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इन ट्रेनों से उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत कई राज्यों के बीच लंबी दूरी की किफायती रेल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। खास तौर पर गोरखपुर से मुंबई और दिल्ली, अहमदाबाद से भागलपुर तथा धनबाद से कोयंबटूर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिले हैं।
अगस्त में 67.27 करोड़ यात्रियों ने की यात्रा
अगस्त 2026 में भारतीय रेल से कुल 67.27 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। अगस्त 2025 में यह संख्या 64.43 करोड़ थी। इस तरह यात्री संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
उपनगरीय यात्रियों की संख्या में 9.02 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त 2026 में 38.01 करोड़ उपनगरीय यात्रियों ने यात्रा की, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 34.89 करोड़ थी।
रक्षाबंधन पर विशेष ट्रेनों के 144 फेरे
रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनों का संचालन भी बढ़ाया। 25 से 31 अगस्त 2026 के बीच रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेनों के 144 फेरे चलाए गए।
इसके मुकाबले अगस्त 2025 में इसी अवधि के दौरान विशेष ट्रेनों के केवल 48 फेरे संचालित किए गए थे। अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को अधिक विकल्प मिले और नियमित ट्रेनों पर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिली।
यात्री सेवाओं और माल परिवहन पर बराबर जोर
अगस्त 2026 के आंकड़ों से साफ है कि भारतीय रेलवे यात्री कनेक्टिविटी के साथ-साथ माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
एक ओर अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार किया जा रहा है, तो दूसरी ओर गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों के जरिए उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए माल परिवहन की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। रेलवे के अनुसार, इन प्रयासों से देश की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।